राजनीति

hindi news portal lucknow

भारतीय भाषा और संस्कृति में तिलक का विश्वास नई शिक्षा नीति में झलकता है: अमित शाह

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारतीय भाषाओं और संस्कृति में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का विश्वास हाल ही में जारी नई शिक्षा नीति में झलकता है। ‘लोकमान्य तिलक- स्वराज से आत्मनिर्भर भारत तक’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का उद्घाटन करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के माध्यम से तिलक के विचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत, भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपराओं के तिलक के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। शाह ने कहा, ‘‘भारतीय भाषाओं और भारतीय संस्कृति में लोकमान्य तिलक का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नयी शिक्षा नीति में झलकता है।’’

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई को नई शिक्षा नीति, 2020 को मंजूरी दी थी जिसमें स्कूली और उच्च शिक्षा में आमूल-चूल बदलाव के प्रावधान हैं। लोकमान्य तिलक की सौवीं पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने यहां वेबिनार का आयोजन किया। शाह ने कहा कि तिलक का प्रसिद्ध सूत्रवाक्य था कि सच्चे राष्ट्रवाद की बुनियाद संस्कृति और परंपराओं की आधारशिलाओं पर रखी होती है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सुधार यदि हमारे अतीत की अनदेखी करता है या उसका अपमान करता है तो सच्चे राष्ट्रवाद को समझने में मदद नहीं मिल सकती।’’ गृह मंत्री ने कहा कि तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को सच्चे अर्थों में पूर्णता प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई थी और इसमें बेजोड़ योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि तिलक का यह नारा स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में हमेशा स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा ‘‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे पाकर रहूंगा।’’ शाह ने कहा कि तिलक के इस नारे ने भारतीय समाज में जागरण किया और स्वतंत्रता संघर्ष को जन आंदोलन बना दिया जिसकी वजह से उनका नाम लोकमान्य तिलक पड़ गया। उन्होंने कहा कि भारत और भारतीय संस्कृति के गौरवपूर्ण इतिहास को जानना है तो तिलक के लेखन को समझना होगा। उनकी साहित्यिक कृतियों को पढ़ने से युवाओं को उनके महान व्यक्तित्व का ज्ञान होगा। कामकाजी वर्ग को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने में तिलक के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि तिलक ने लोगों को स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ने के लिए शिवाजी जयंती और गणेशोत्सव मनाना शुरू किया था जिसने स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा ही बदल दी।



hindi news portal lucknow

सीमा पर विवाद और भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर राहुल गाधी ने फिर बोला भाजपा सरकार पर हमला

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को भाजपा पर हमला करते हुए उस पर कोविड-19 से होने वाली मौतों, जीडीपी के आंकड़ों और सीमा पर चीनी आक्रमण को लेकर संस्थागत तौर पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। कोविड-19 के कारण होने वाली मौत के मामलों में वृद्धि होने पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि यह भ्रम टूटने पर भारत को इसकी कीमत चुकानी होगी। वहीं, राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि गांधियों ने दशकों तक जो भ्रम फैलाया, भारत को उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कांग्रेस नेता पर देश के लिए बीमार रहने की कामना करने का भी आरोप लगाया।गांधी ने एक ट्वीट में कहा, भाजपा झूठ को संस्थागत तौर पर फैला रही है। पहला, कोविड-19 टेस्ट पर बाधाएं लगायीं और मृतकों की संख्या गलत बतायी। दूसरा, जीडीपी के लिए एक नई गणना पद्धति लागू की। तीसरा, चीनी आक्रमण पर पर्दा डालने के लिए मीडिया को डराया। ये भ्रम जल्द ही टूट जाएगा और देश को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।उन्होंने अपने ट्वीट के साथ कोरोना वायरस की स्थिति से जुड़ी एक खबर को भी साझा किया। गांधी के आरोप की प्रतिक्रिया में शेखावत ने एक ट्वीट में कहा, गांधियों ने दशकों तक जो भ्रम फैलाया, भारत को उसकी बडी कीमत चुकानी पड़ी। देश के लिए बीमारी की आपकी कामना तिरस्कार योग्य है।



hindi news portal lucknow

पीएम केयर्स में रुपये देने वालों का खुलासा क्यों नहीं करना चाहते प्रधानमंत्री: राहुल

11 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए शनिवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘पीएम केयर्स’ कोष में अनुदान देने वालों के नामों का खुलासा क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री उन लोगों के नामों का खुलासा क्यों नहीं करना चाहते जिन्होंने ‘पीएम केयर्स’ के लिए पैसा दिया है? हर कोई जानता है कि चीनी कंपनियों हुवेई, शाओमी, टिकटॉक और वन प्लस ने पैसे दिए। वह इस बारे में विवरण साझा क्यों नहीं कर रहे हैं?’’कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाल ने ट्वीट कर दावा किया, ‘ न्यू इंडिया में जवाबदेही को वणक्कम! पीएम केयर्स फंड की जांच संसद की पीएसी नहीं कर सकती। इसकी जांच कैग नहीं कर सकता। इसके बारे नागरिकों को आरटीआई के तहत सवाल करने तक का अधिकार नहीं। उन्होंने कटाक्ष करने के साथ ही आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी का नारा है कि कभी कोई हिसाब नहीं दूंगा !’’राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला ने जिस खबर का हवाला दिया उसमें दावा किया गया है कि लोक लेखा समिति (पीएसी) ‘पीएम केयर्स’ की छानबीन नहीं करेगी क्योंकि भाजपा सांसदों के विरोध के चलते पीएसी की बैठक में इस मामले पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी।



hindi news portal lucknow

कांग्रेस की शिकायत पर NHRC ने लिया संज्ञान, स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार को जारी किया नोटिस

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बुधवार को कांग्रेस नेता अजय माकन की शिकायत का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। माकन ने आरोप लगाए थे कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 रोगियों के लिए बेडों की कमी है और पर्याप्त संख्या में जांच नहीं की जा रही है। आयोग ने एक बयान में कहा कि वह समझता है कि यह सरकारी एजेंसियों, अस्पतालों, डॉक्टरों के साथ-साथ रोगियों और उनके परिवारों के लिए एक अप्रत्याशित स्थिति है, लेकिन राज्य हरसंभव प्रयास किए बिना अपने नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी किए गए हैं।आयोग ने एक बयान में कहा कि शिकायतकर्ता दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सिर्फ आरोप ही नहीं लगाए हैं, बल्कि अपनी शिकायत के समर्थन में आंकड़े भी मुहैया कराए हैं। बयान में कहा गया है कि अगर ये आरोप सही हैं तो आम जनता की दुर्दशा के प्रति सरकारी एजेंसियों के अनुचित दृष्टिकोण का गंभीर मुद्दा उठाती हैं जो मानवाधिकार के गंभीर हनन के समान है। आंकड़े संकेत देते हैं कि सरकारी एजेंसियों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।बयान में कहा गया है कि आरोप है कि महामारी के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार में काफी देरी की गई है। नोटिस जारी करते हुए आयोग ने कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों एक-दूसरे के परामर्श से दस दिनों में व्यापक रिपोर्ट देने के लिए मामले पर विचार करें। आयोग ने कहा कि इस दौरान दिल्ली सरकार से उम्मीद की जाती है कि वह कोविड-19 के मरीजों के लिए बेडों की संख्या बढ़ाए और एक दिन में की जाने वाली जांचों की संख्या में भी इजाफा करे।



hindi news portal lucknow

आत्मनिर्भरता की बात एक और जुमला, आगे की अर्थिक नीति बताएं PM मोदी: कांग्रेस

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को ‘एक और जुमला’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री को भविष्य की आर्थिक नीति के बारे में बताना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने यह दावा भी किया कि यह सरकार विश्वविद्यालयों में शोध एवं नवोन्मेष पर पर्याप्त धन खर्च नहीं कर रही है, जबकि देश के विकास एवं उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस सरकार में सिर्फ नारे गढ़े जा रहे हैं। आत्मनिर्भरता की बात प्रधानमंत्री कर रहे हैं जो एक और जुमला है।’’

सिब्बल ने यह भी कहा कि जिस 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की बात हो रही है अगर वह 20 साल में पूरा हो जाए तो बड़ी बात होगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप इस देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं तो अपने विश्वविद्यालयों में शोध एवं नवोन्मेष में पैसा लगाना पड़ेगा।’’ उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने भविष्य की आर्थिक नीति की न कोई घोषणा की और न ही उद्योग नीति एवं विनिर्माण नीति का ऐलान किया। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री सिब्बल ने कहा कि भारत में शोध एवं विकास पर जीडीपी का 0.7 फीसदी खर्च होता है। इस्राइल में चार फीसदी, जर्मनी में तीन फीसदी और कई अन्य देश भी अच्छा खासा खर्च करते हैं।

उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में चीन और अन्य देशों से आयात तथा निवेश का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ बातें करने से देश आत्मनिर्भर नहीं बनता है। सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री और सरकार को आगे की आर्थिक नीति के बारे में बताना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि आत्मनिर्भता के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्विद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों एवं उनसे सहमति रखने वालों की नियुक्तियां की जा रही हैं।



hindi news portal lucknow

लद्दाख गतिरोध के समाधान के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर वार्ता जारी: राजनाथ

30 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारत और चीन के सैनिक जहां तनावपूर्ण सीमा विवाद में उलझे हुए हैं, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि सरकार किसी भी स्थिति में भारत के गौरव को धूमिल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि गतिरोध को दूर करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर द्विपक्षीय वार्ता जारी है। सिंह ने कहा कि उन्होंने अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर को शुक्रवार को टेलीफोन पर हुई बातचीत में बताया कि भारत और चीन के बीच ‘‘समस्याओं’’ को कूटनीतिक एवं सैन्य स्तरों पर वार्ता के माध्यम से सुलझाने के लिए वर्तमान में एक व्यवस्था बनी हुई है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा था कि वह दोनों देशों के बीच ‘‘मध्यस्थता कराने के लिए तैयार हैं, इच्छुक हैं और सक्षम हैं।’’ उन्होंने बृहस्पतिवार को भी यह पेशकश की। विदेश मंत्रालय ने दो दिन पहले पेशकश को परोक्ष रूप से खारिज कर दिया लेकिन सिंह पहले केंद्रीय मंत्री हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बात की है।

देश को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हम किसी भी सूरत में भारत के स्वाभिमान को चोट नहीं पहुँचने देंगे।चीन के साथ जो परिस्थितियाँ पैदा हुई हैं उसे सुलझाने की कोशिश जारी है।भारत की भी कोशिश है कि तनाव किसी भी सूरत में न बढ़े। Military & Diplomatic स्तर पर दोनो देश के बीच बातचीत जारी है।

सिंह ने आज तक समाचार चैनल से कहा, ‘‘मेरी कल अमेरिका के रक्षा मंत्री से बात हुई। मैंने उनसे कहा कि हमारे पास पहले से व्यवस्था बनी हुई है जिसके तहत भारत और चीन के बीच किसी भी समस्या को सैन्य एवं कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से सुलझाया जाता है।’’ वह चीन के साथ सीमा गतिरोध के समाधान के लिए तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को भारत द्वारा खारिज किए जाने से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को सुलझाने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम भारत के गौरव को किसी भी स्थिति में धूमिल नहीं होने देंगे। भारत पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की स्पष्ट नीति का पालन कर रहा है और यह नया रूख नहीं है। हम लंबे अरसे से इसका पालन कर रहे हैं। कभी-कभी चीन के साथ विवाद उत्पन्न हो जाता है। यह पहले भी हुआ है।’’ सिंह ने कहा कि चीन ने यह भी कहा है कि वह कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से सीमा विवाद का समाधान करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि तनाव नहीं बढ़े। इसका समाधान सैन्य एवं कूटनीतिक स्तरों पर वार्ता के माध्यम से होना चाहिए। दोनों देशों के बीच सैन्य एवं कूटनीतिक स्तरों पर वार्ता जारी है।’’

भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख के पैगोंग सो, गलवान घाटी, डेमचक और दौलत बेग ओल्डी में तीन हफ्ते से अधिक समय से तनाव जारी है। पैगोंग सो के आसपास फिंगर इलाके में एक मुख्य सड़क निर्माण के अलावा गलवान घाटी में डारबुक-श्याओक-दौलत बेग ओल्डी के बीच सड़क निर्माण पर चीन के कड़े विरोध के बाद गतिरोध शुरू हुआ। सैन्य सूत्रों ने बताया कि चीन भी फिंगर इलाके में एक सड़क बना रहा है जो भारत को स्वीकार्य नहीं है। सूत्रों ने बताया कि चीन के आक्रामक रवैये का सामना करने के लिए भारतीय सेना ने भी पूर्वी लद्दाख में अपने सैनिकों, वाहनों और तोपों की संख्या बढ़ाई दी है। पूर्वी लद्दाख में पांच मई की शाम को चीन और भारत के करीब 250 सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई जो अगले दिन भी जारी रही, जिसके बाद दोनों पक्ष ‘‘अलग’’ हुए। बहरहाल, गतिरोध जारी रहा।उत्तर सिक्किम में नौ मई को इसी तरह की घटना होने के बाद पैगोंग सो यह घटना हुई। भारत और चीन की सेना के बीच डोकलाम में 2017 में 73 दिनों तक गतिरोध जारी रहा। भारत और चीन के बीच 3488 किलोमीटर लंबा वास्तविक नियंत्रण रेखा है। चीन अरूणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है जबकि भारत इसका विरोध करता है। दोनों पक्ष इस बात से सहमत हैं कि सीमा विवाद का अंतिम समाधान होने तक यह आवश्यक है कि सीमावर्ती इलाके में शांति और धैर्य बनाए रखा जाए।



hindi news portal lucknow

हम कोरोना से चार कदम आगे हैं, हमेशा के लिए नहीं कर सकते लॉकडाउन: केजरीवाल

30 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार कोरोना वायरस से ‘‘चार कदम आगे’’ और हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं दिल्ली के निवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपकी सरकार कोरोना वायरस से चार कदम आगे है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम कई प्रबंध कर रहे हैं जो आवश्यकता से कहीं अधिक हैं। हम इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ने पर भी इससे मरने वाले लोगों की संख्या न बढ़ें। केजरीवाल ने बताया कि पिछले 15 दिनों में इस संक्रामक रोग के 8,500 मामले आए हैं लेकिन अस्पतालों में केवल 500 लोगों को भर्ती किया गया और ज्यादातर लोग घर पर इस बीमारी से उबर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पर्याप्त संख्या में बेड की व्यवस्था की है। आवश्यकता से अधिक बेड की व्यवस्था की जा रही है।’’

केजरीवाल ने कहा कि सरकार अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के बारे में लोगों को सूचना देने के लिए एक ऐप भी बना रही है। सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी वीडियो का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें राजनीति को पीछे छोड़ना होगा। देश बुरे दौर से गुजर रहा है।



hindi news portal lucknow

प्रवासी मजदूरों को लेकर राजनीति गर्म, पीयूष गोयल ने दिया विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब

15 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोरोना संकट काल में प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने को लेकर राजनीति जारी है। विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है और आरोप लगा रहा है कि सरकार इन प्रवासी मजदूरों को भूल चुकी है। सरकार पर अमानवीय होने का भी आरोप लग रहा है। दरअसल ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हजारों की तादाद में प्रवासी मजदूर सड़कों पर पैदल चलते हुए अपने गृह राज्य लौटने को मजबूर हैं। भले ही केंद्र सरकार यह दावा कर रही है कि उसने श्रमिक ट्रेनों की व्यवस्था कर रखी है लेकिन अभी वे ट्रेनें मजदूरों की पहुंच से दूर है। मध्य प्रदेश की सड़कें हों या फिर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश की सड़क के हो या फिर अन्य राज्यों की, हर तरफ आपको मजदूर दिखाई देंगे जो मजबूरी में अपने घर को लौट रहे हैं।

रेलवे रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाकर कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिये तैयार है, लेकिन मुझे दुख है कि कुछ राज्यों जैसे प.बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ, व झारखंड की सरकारों द्वारा इन ट्रेनों को अनुमति नही दी जा रही है, जिससे श्रमिकों को घर से दूर कष्ट सहना पड़ रहा है।

विपक्ष के इन्हीं आरोपों का जवाब केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दिया। पीयूष गोयल ने सीधा सीधा पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि हम तो श्रमिकों के लिए ट्रेन की व्यवस्था कर चुके हैं लेकिन यह राज्य उन्हें आने की मंजूरी नहीं दे रही हैं। पीयूष गोयल ने दावा किया कि रेलवे हर दिन 300 से ज्यादा श्रमिक ट्रेन चलाने को तैयार है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि 1 मई से लेकर 15 मई तक पश्चिम बंगाल में सिर्फ दो ही ट्रेनें जा सकी हैं जबकि वहां तो हर रोज 100 से भी ज्यादा ट्रेनों की आवश्यकता है। बंगाल की सरकार राज्य में ट्रेनों की आने की मंजूरी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लगातार पश्चिम बंगाल से उनके प्रवासियों को भेजने के लिए चिट्ठी लिख रही है परंतु उसका कोई जवाब नहीं मिल रहा है। राज्य सरकारों के इन रवैया को गोयल ने शर्मनाक बताया। गोयल ने प्रवासी मजदूरों को आश्वासन दिया कि आप पैदल ना निकले, किसी बस या ट्रक पर ना जाएं। आप अपने पास के स्टेशन पर जाएं और वहां से रेलवे आपको आपके गंतव्य स्थान तक पहुंचाएगा। गोयल ने जिन राज्यों ने सबसे ज्यादा प्रवासी ट्रेनों को मंजूरी दी है उनके लिए प्रशंसा भी की। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 487 ट्रेनों को आने इजाजत दी है, बिहार सरकार ने 254 ट्रेनों को, ममता बनर्जी ने मात्र 9 ट्रेनों को आने की अनुमति दी है। कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ ने मात्र 10 ट्रेनों को, झारखंड में मात्र 48 ट्रेनों को प्रवेश करने की अनु​मति मिली है।

केंद्रीय रेल मंत्री ने किराए को लेकर भी अपनी चुप्पी तोड़ी। दरअसल पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे इन प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य तक भेजने के लिए जितने भी खर्च हो रहे हैं उसका 85 परसेंट हिस्से का वहन कर रहा है जबकि 15 तीसरी राज्य सरकार को देनी है। कुछ राज्य सरकार इस किराए को उसी वक्त दे रही हैं तो कुछ इसे बाद में देने की भी बात कर रही है। उन्होंने मजदूरों के टिकट पर कहा कि यह बात सत्य है कि मजदूर टिकट ले रहे हैं। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि स्टेशन पर भीड़ भार इकट्ठा ना हो और संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न ना हो। बिहार, उत्तर प्रदेश और उड़ीसा का उदाहरण देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि बिहार सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार और उड़ीसा सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि मजदूर वहां जाते हैं और उन्हें टिकट का पैसा दे दिया जाता है। इसके साथ ही साथ उन्हें अतिरिक्त पैसे भी मिल जाते हैं। ऐसे में सिर्फ इसे राजनीति का मुद्दा बनाया जा रहा है जोकि शर्मनाक है।

स्पेशल ट्रेनों पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि राज्यों के बीच आवाजाही को ज्यादा दिनों तक ठप नहीं रखी जा सकती है। इसी को देखते हुए सरकार ने उन लोगों के लिए इन विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है जो अपने घर जाना चाहते है। जब उनसे पूछा गया कि क्या आने वाले दिनों में ट्रेनों का सफर अब ऐसा ही होने वाला है। तो उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया कि हां इसके लिए हम सभी को तैयार रहना होगा। गोयल ने कहा कि अब हमें कोरोना के साथ ही जीना होगा। ऐसे में हमें सतर्कता बरतनी होगी। फिलहाल रेलवे कंबल या चादर नहीं देने जा रहा है, ना हीं ट्रेनों में खाने पीने की व्यवस्था होगी। लॉक डाउन खत्म होने के बाद भी हमें इसी तरीके के सफर के लिए तैयार रहना होगा।



hindi news portal lucknow

मोदी सरकार का आर्थिक पैकेज सिर्फ ‘13 शून्य’ साबित हुआ: कांग्रेस

15 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त की घोषणा किए जाने के बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार आर्थिक पैकेज के नाम पर बजट की ही योजनाओं को सामने रख रही है और उसका यह पैकेज सिर्फ ‘13 शून्य’ साबित हुआ है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार के एजेंडे में किसान और मजदूर कहीं नहीं हैं। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह जुमला घोषणा पैकेज है। मोदी सरकार का 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज केवल ‘13 शून्य’ साबित हुआ है।’’ सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘वित्त मंत्री आर्थिक पैकेज के नाम पर बजट की योजनाओं को ही सामने रख रही हैं। बजट की योजनाओं को आर्थिक पैकेज के तौर पर पेश करना राष्ट्रहित के साथ खिलवाड़ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन दिनों में वित्त मंत्री ने जो घोषणाएं की हैं उनमें सिर्फ कर्ज की बात की गई है। किसानों और मजूदरों को कोई राहत नहीं दी गई। क्या मुश्किल के समय उन्हें कर्ज देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच सकती है?’’ गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कृषि उपज के रखरखाव, परिवहन एवं विपणन सुविधाओं के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि ढांचागत सुविधा कोष की घोषणा की। वित्त मंत्री ने यहां आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि इस कोष का इस्तेमाल शीत भंडारगृह, कटाई के बाद प्रबंधन ढांचे आदि के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने सूक्ष्म खाद्य उपक्रमों (एमएफई)को संगठित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना की भी घोषणा की।



hindi news portal lucknow

भारत के सभी शत्रुओं से निपटने के लिए तैयार है रक्षा मंत्रालय: राजनाथ

11 May 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि उनका मंत्रालय सीमाओं पर दिखाई देने वाले या कोरोना वायरस जैसे अदृश्य शत्रुओं, सभी को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंह ने ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ के मौके पर आयोजित एक ऑनलाइन कांफ्रेंस में कहा कि भारत को सैन्य निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहिए और सरकार एक नीतिगत खाका लाकर घरेलू रक्षा उद्योग का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि रक्षा मंत्रालय देश के सभी दुश्मनों को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है-चाहे वे सीमाओं पर दिखाई देने वाले शत्रु हों या कोरोना वायरस जैसे अदृश्य शत्रु।’’

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने कोविड-19 से मुकाबले के लिए अपने निरंतर प्रयासों के जरिये पिछले तीन से चार महीने में बायो-सूट, सैनिटाइजर डिस्पेंसर, पीपीई किट जैसे 50 से अधिक उत्पाद विकसित किये हैं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारे रक्षा उद्योग की अटूट भावना ने रिकॉर्ड समय में इन उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के बड़े पैमाने पर उत्पादन करने का अवसर बढ़ाया है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने नए लक्ष्य तय किए हैं और रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण हासिल करने के लिए ‘‘सही’’ नीति खाका तैयार की है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमेशा यह ध्यान रखना है कि स्वदेशी तकनीक और स्वदेशी निर्माण का कोई विकल्प नहीं है। हम वास्तव में तभी आत्मनिर्भर होंगे जब भारत प्रौद्योगिकी के आयातकर्ता के बजाय निर्यातक बनने में सफल होगा।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी यात्रा लंबी है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने इस पर काम किया है। हम भारत को रक्षा उपकरणों के विनिर्माण राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार काम करेंगे।



12345678910...