उत्तर प्रदेश

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राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन, सिंगापुर में ली अंतिम सांस

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का निधन हो गया। उन्होंने सिंगापुर में अंतिम सांस ली। उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में शामिल अमर सिंह समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह के बेहद करीबी थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किडनी से जुड़ी समस्या के चलते छह महीनों से अमर सिंह का इलाज सिंगापुर में चल रहा था और वह आईसीयू में एडमिट थे। बता दें कि साल 2013 में अमर सिंह की किडनी खराब हो गई थी।

बता दें कि बीमार होने के बावजूद अमर सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव दिखाई देते थे। निधन से पहले उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर समस्त देशवासियों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी।साल 1996 में अमर सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के साथ हुई थी। 2010 में मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद अमर सिंह राजनीति से संन्यास लेने का भी ऐलान कर दिया था। हालांकि साल 2016 में अमर सिंह की एक बार फिर से समाजवादी पार्टी में एंट्री हुई और वह राज्यसभा में भेजे गए थे। अमर सिंह के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताते हुए ट्वीट किया कि वरिष्ठ नेता एवं सांसद अमर सिंह के निधन के समाचार से दुःख की अनुभूति हुई है। सार्वजनिक जीवन के दौरान उनकी सभी दलों में मित्रता थी। स्वभाव से विनोदी और हमेशा ऊर्जावान रहने वाले अमर सिंहजी को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएँ। वरिष्ठ नेता एवं सांसद श्री अमर सिंह के निधन के समाचार से दुःख की अनुभूति हुई है। सार्वजनिक जीवन के दौरान उनकी सभी दलों में मित्रता थी।स्वभाव से विनोदी और हमेशा ऊर्जावान रहने वाले अमर सिंहजी को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएँ।



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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय के सामने आत्मदाह की कोशिश, चार लोग गिरफ्तार

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ/अमेठी (उप्र)। नाली विवाद की सुनवाई कथित रूप से न होने से परेशान मां-बेटी द्वारा लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आत्मदाह की कोशिश के मामले में पुलिस ने अमेठी में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरीगंज के पुलिस क्षेत्राधिकारी अर्पित कपूर ने रविवार को बताया कि इस मामले में अमेठी के जामो थाना क्षेत्र में अर्जुन, सुनील, राजकरन और राम मिलन नामक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों का आत्मदाह की कोशिश करने वाली सफिया और उसकी बेटी गुड़िया के साथ नाली को लेकर विवाद था। इन लोगों के खिलाफ गत नौ मई को जामो थाने में मामला भी दर्ज हुआ था।कपूर ने बताया कि मां-बेटी को आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के जिलाध्यक्ष कदीर खान को लखनऊ पुलिस ने अमेठी में शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इस बीच, लखनऊ के सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसी सफिया की हालत चिंताजनक है जबकि उसकी बेटी की हालत में सुधार हो रहा है।गौरतलब है कि अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली सफिया और उसकी बेटी गुड़िया ने नाली के विवाद में अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई न किए जाने से क्षुब्ध होकर गत शुक्रवार लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने खुद को आग लगा ली थी। दोनों को गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में एआईएमआईएम और कांग्रेस के कुछ नेताओं पर उकसाने का आरोप लगाया गया है।



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योगी सरकार ने कोरोना मरीजों की पहचान के लिए निकाली एल-1 प्लस सुविधा

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड के लक्षणरहित संदिग्ध मरीजों के लिये एल-1 प्लस सुविधा के लिये अधिकतम दरें तय कर दी हैं। इस सिलसिले में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने रविवार को बताया कि सरकार ने ज्यादा सुविधाएं चाहने वाले कोविड के लक्षण रहित संदिग्ध मरीजों के लिये लखनऊ और गाजियाबाद में एल-1 प्लस एक सेमी पेड फैसिलिटी की शुरुआत की थी। इसके तहत उन लोगों को होटलों में सुविधा उपलब्ध करायी की गई है। उन्होंने बताया कि अन्य शहरों में भी यह सुविधा शुरू करने की बढ़ती मांग के मद्देनजर सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए शासनादेश जारी कर दिया है।

प्रसाद ने बताया कि जिलाधिकारी किसी होटल से दर निर्धारित करवाएंगे लेकिन डबल ऑक्युपेंसी की स्थिति में वह 2,000 रुपये प्रतिदिन से ज्यादा नहीं होगा। अगर होटल के एक कमरे में दो लोग रह रहे हैं तो खाने और रहने के लिए 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन से ज्यादा नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 10 दिन रहने के लिए चिकित्सा सुविधाओं के लिए 2,000 रुपये प्रति व्यक्ति टोकन मनी ली जाएगी। उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए डॉक्टर तथा अन्य चिकित्सा कर्मी मौजूद रहेंगे।



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विकास दुबे के दो फरार साथी ठाणे में गिरफ्तार, कानपुर गोलीकांड में थे शामिल

11 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के दो फरार सहयोगियों को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। दुबे का सहयोगी अरविंद उर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी (46) कानपुर जिले में कुख्यात अपराधी के घर छापेमारी के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में संलिप्त था।एटीएस के पुलिस अधीक्षक विक्रम देशमाने ने कहा कि त्रिवेदी और उसके चालक सुशील कुमार उर्फ सोनू तिवारी (30) को ठाणे शहर के कोलशेट इलाके से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद दुबे एवं अन्य के साथ त्रिवेदी भी फरार हो गया था। हमले में पुलिस उपाधीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे। देशमाने ने कहा कि एटीएस की जुहू इकाई को पता चला कि त्रिवेदी छिपने के लिए मुंबई आया हुआ है।उन्होंने कहा कि पूर्व ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ निरीक्षक दयानायक की अगुवाई में टीम ने कोलशेट से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में त्रिवेदी ने स्वीकार किया कि वह और दुबे 2001 में उत्तरप्रदेश में नेता संतोष शुक्ला की हत्या और कई अन्य अपराधों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि एटीएस ने उत्तरप्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एटीएस) को गिरफ्तारी के बारे में सूचना दे दी है। कानपुर कांड में शामिल कुख्यात दुबे शुक्रवार को एक कथित मुठभेड़ में मारा गया था।



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उत्तर प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 417 हुई, संक्रमण के मामले हुए 14091

15 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 18 और मौतों के साथ सोमवार को कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 417 हो गई जबकि राज्य में संक्रमण के मामले बढ़कर 14, 091 हो गये। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि राज्य में संक्रमण के उपचाराधीन मामले 5064 हैं जबकि 8610 लोग पूर्णतया उपचारित होकर अस्पतालों से छुटटी पा चुके हैं। प्रदेश में रिकवरी की दर 61 . 10 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 18 और लोगों ने जान गंवा दी। अब तक 417 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले बढकर 14, 091 हो गये हैं। प्रसाद ने बताया कि एकांतवास में 5081 लोगों को रखा गया है, जिनका विभिन्न चिकित्सालयों और मेडिकल कालेजों में उपचार किया जा रहा है। पृथकवास में 7436 लोग रखे गये हैं। उनके नमूने लेकर जांच की जा रही है। अगर जांच के बाद कोई संक्रमित पाया जाता है तो उसे एल—1, एल—2 या एल—3 अस्पतालों में उसकी स्थिति के हिसाब से भर्ती करके इलाज कराया जाएगा अन्यथा पृथकवास में रहने वालों को निर्धारित समयावधि पूरी हो जाने पर घर भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रविवार को 13, 388 नमूनों की जांच की गयी। अब तक 4, 66, 081 नमूनों की जांच की जा चुकी है।पूल सैम्पल के माध्यम से रविवार को ही पांच पांच सैम्पल के 1237 पूल लगाये गये, जिनमें से 201 पाजिटिव निकले जबकि दस दस सैम्पल के 98 पूल लगाये गये, जिनमें से 20 पाजिटिव पाये गये। प्रमुख सचिव ने बताया कि आरोग्य सेतु का लगातार उपयोग किया जा रहा है। जिन लोगों को इसके माध्यम से एलर्ट आये, ऐसे 81, 339 लोगों को स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से फोन कर हालचाल लिया गया और आवश्यक सलाह दी गयी। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने अब तक 16, 46, 312 प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के गांव गांव, घर घर जाकर उनका सर्वेक्षण किया है। इनमें से 1455 में कोरोना वायरस संक्रमण के कोई ना कोई लक्षण पाये गये, जिनकी जांच करायी गयी है। प्रसाद ने बताया कि ग्राम निगरानी समिति और मोहल्ला निगरानी समिति से लगातार संपर्क रखा गया। ग्राम प्रधानों और सभासदों से फोन पर बातचीत की गयी। इसका परिणाम यह रहा कि जो लोग घर पर पृथकवास में रखे गये हैं, वे उसका अच्छे से पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फलस्वरूप गांवों में सैम्पलिंग करायी गयी तो तो गांव के दूसरे सदस्य, जो पहले से वहां रह रहे थे, उनमें संक्रमण नहीं था।

इसका मतलब है कि प्रवासी कामगारों ने अपने सामाजिक दायित्व का भलीभांति निर्वहन किया है। प्रसाद ने जनता से अनुरोध किया कि जो लोग घर पर पृथकवास में रखे गये हैं, वे उसका पालन करें ताकि आप अपने आस पडोस, मित्र साथियों को संक्रमण से बचा सकें। घर में भी पृथकवास का पालन करना है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दस साल से कम उम्र के बच्चों और पहले से बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखनी है। उन्हें संक्रमण से बचाकर रखना है क्योंकि देखा गया है कि जो भी जटिलताएं आयीं या जो मौतें हुईं, उनमें से 80 से 85 प्रतिशत लोगों को पहले से कोई ना कोई बीमारी थी। उन्होंने बताया कि 5620 हॉटस्पाट (संक्रमण से अधिक प्रभावित) क्षेत्रों सहित कुल 17, 695 क्षेत्रों की निगरानी की गई है और 92, 09, 680 घरों में 4, 69, 53, 258 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। ये कार्य निरंतर चल रहा है। प्रयास है कि हम लोगों को जागरूक करके जनता को इस बीमारी के बारे में बताकर सावधान रहने के लिए कहें। उनको समझा कर इस संक्रमण को लोगों से दूर रखने के लिए कहें। प्रसाद ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया में वायरस को फैलाने वाला कैरियर मच्छर होता है लेकिन कोरोना वायरस में मनुष्य ही वायरस का कैरियर है। अगर मनुष्य सावधान रहे कि हमें खुद को भी बचाना है और दूसरे को भी बचाना है तो हम संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ सकते हैं। संक्रामक बीमारी में संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना बहुत महत्वपूर्ण है।



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योगी आदित्यनाथ के आवास को बम से उड़ाने की धमकी के बाद कालिदास मार्ग पर सुरक्षा बढ़ी

15 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास को बम से उड़ाने की धमकी के बाद शुक्रवार को वहां सुरक्षा बढा दी गयी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल—112 पर उक्त धमकी दी गयी। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास और प्रदेश की कई अन्य जगहों को बम से उडाने की धमकी दी गयी है। उन्होंने बताया कि इस धमकी भरे संदेश के बाद मुख्यमंत्री के पांच, कालिदास मार्ग स्थित आवास की सुरक्षा और कडी कर दी गयी है। उल्लेखनीय है कि कालिदास मार्ग पर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के भी आवास हैं।सूत्रों ने बताया कि धमकी मिलने के बाद श्वान दस्ते और बम निरोधक दस्ते की मदद से छानबीन की जा रही है। पुलिस आसपास के वीआईपी इलाकों में भी सघन चेकिंग कर रही है। सूत्रों के अनुसार धमकी देने वाले का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।अज्ञात व्यक्ति ने प्रदेश में 50 अलग अलग अन्य जगहों पर भी बम धमाके करने की धमकी दी है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी को जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। पिछले महीने कामरान नामक व्यक्ति ने प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया हेल्पडेस्क को फोन किया था और सीधे मुख्यमंत्री योगी को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। कामरान मुंबई में रहता था और उसे महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते ने गिरफ्तार किया था।



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मुंबई से प्रवासी मजदूरों को लेकर विशेष विमान लखनऊ आया

11 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। मुंबई से प्रवासी मजदूरों को लेकर बृस्पतिवार की सुबह 10 बजे एक विशेष विमान यहां चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर उतरा। हवाई अड्डा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। हवाई अड्डे के निदेशक ए के शर्मा ने बताया कि इस विशेष विमान में करीब 1 80 यात्री सवार थे।

विमान से जो लोग मुंबई से यहां आये हैं उनमें से अधिकतर उन्नाव, गोंडा और लखनऊ जिलों के रहने वाले हैं। यह विशेष विमान की व्यवस्था फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने प्रवासी मजदूरों के लिए किया है। सभी मजदूरों ने अमिताभ को दिल से शुक्रिया कहा।



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केशव मौर्य ने कांग्रेस नेता पर ली चुटकी, कहा- हमने नाम रखा है ‘प्रियंका ट्विटर वाड्रा’

06 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर चुटकी लेते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को कहा कि सोशल मीडिया उन्हें ‘‘प्रमुख राष्ट्रीय नेता’’ के रूप में दिखाता है लेकिन वह 2019 लोकसभा चुनाव में अमेठी से अपने भाई और पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष की जीत भी सुनिश्चित नहीं कर सकीं। राज्य की राजनीति में प्रियंका के प्रभाव को कमतर आंकते हुए मार्य ने कहा, ‘‘मैं उन्हें गंभीरता से नहीं लेता... हमने उनका नाम प्रियंका टिवटर वाड्रा रखा है। वह सिर्फ दो-तीन दिन ट्वीट करती हैं, और मीडिया उसी में व्यस्त हो जाता है। सोशल मीडिया पर उन्हें प्रमुख राष्ट्रीय नेता बताया जाता है।’’

उन्होंने बताया, ‘‘हर कोई जानता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार के लिये आयी थी, आशा कर रही थीं कि अपने भाई को प्रधानमंत्री बनवाएंगी, लेकिन वह जीत तक सुनिश्चित नहीं कर सकीं।’’ गौरतलब है कि 2019 संसदीय चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी के हाथों हार मिली। मौर्य ने कहा, ‘‘कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपना आधार खो चुकी है। कांग्रेस महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को नहीं देखना चाहती है। वह दृष्टि दोष का शिकार है कांग्रेस के नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य को अपनी आंखों की जांच करवानी चाहिए। जब उनकी आंख की जांच हो जायेगी तब वह उप्र के साथ-साथ राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब की असलियत देख पायेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार को गलत तरीके से देखना चाहती है और मोदी जी और योगी जी पर आरोप ही लगाना चाहती है तो इसका कोई इलाज नहीं है। मैं उनको एक ही सलाह दे सकता हूं कि वह एक अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें और अच्छा चश्मा पहनें।’’ मौर्य ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल उपलब्ध्यिों भरा है। देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



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जीवन में खुद के लिए पाने का भाव खत्म हो जाता, दूसरों के लिए काम करने का भाव जन्म लेता तब एक इंसान बनता है 'योगी'

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जब जीवन में अपने लिए पाने का भाव खत्म हो जाता है, दूसरों के लिए काम करने का भाव जन्म लेता है। तब एक इंसान बनता है योगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज जन्मदिन है। वैसे तो सीएम योगी अपनाा जन्मदिन नहीं मनाते हैं। बड़ी संख्या में लोग उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हैं और वह उन्‍हें स्वीकार भी कर लेते हैं। ये योगी आदित्यनाथ का 49वां जन्मदिन है। जन्मदिन के मौके पर सीएम योगी ने गोरक्षनाथ बाबा को याद करते हुए ट्वीट किया है।

वहीं सीएम योगी को जन्मदिन की बधाईयां देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बधाई दी है।

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ। योगी आदित्‍यनाथ (तब अजय सिंह बिष्ट के नाम से जाने जाते थे) बचपन से ही बहुत कुशाग्र और कर्मठ स्‍वभाव के थे।

बचपन में ही उनका मन अध्‍यात्‍म की ओर भी झुकने लगा था। योगी आदित्‍यनाथ ने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है. साल 1993 में गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान अजय सिंह बिष्‍ट (संन्‍यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम योगी आदित्‍यनाथ पड़ा), गुरु गोरखनाथ पर शोध करने के लिए गोरखपुर आए और तत्‍कालीन गोरक्षपीठाधीश्‍वर महंत अवेद्यनाथ के संपर्क में आए। साल 1994 में दीक्षा के बाद वह योगी आदित्यनाथ बन गए थे। योगी हिंदू युवा वाहिनी संगठन के संस्थापक भी हैं।1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे और हर बार उनकी जीत का आंकड़ा बढ़ता ही गया। फिर आता है साल 2017 का वो दौर जब यूपी में नरेंद्र मोदी के नाम पर सवार बीजेपी की पतवार ने पूरे दम-खम से जीत सुनिश्चित की और 312 सीटें जीती। बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद गाजीपुर से सांसद रहे मनोज सिन्हा का नाम अचानक से सुर्खियों में आ गया और उनकी बायोग्राफी भी मीडिया में तैयार होने लगी साथ ही समीकरण भी पेश किए जाने लगे। मनोज सिन्हा दिल्ली से काशी विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे और वहीं चार्टेड प्लेन का इंतजार करने लगे।

दिल्ली में मौजूद केशव मौर्या के चेहरे की मुस्कान इस वक्त और खिलखिला उठी जब लखनऊ के एयरपोर्ट पर नारे लगे 'पूरा यूपी डोला था, केशव-केशव बोला था'। लेकिन तमाम तैरते नामों के बीच योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को यूपी की बागडोर संभाली। योगी उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर उतरे। उत्तम प्रदेश यानी ऐसा प्रदेश जहां कानून व्यवस्था टाइट हो, महिलाओं और लड़कियों के साथ सड़कें सुरक्षित हों। रोजगार हो। यूपी में योगी सरकार के तीन साल मार्च महीने में पूरे किए हैं और इस दौरान योगी ने बहुत कुछ ऐसा किया है जिससे उत्तम प्रदेश की नींव पड़ती दिखती है।



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नई शुरुआत की उम्मीद में यूपी से प्रवासी श्रमिक वापस जा रहे हैं महाराष्ट्र

05 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

गोरखपुर। लॉकडाउन के दौरान घरों पर लौटे बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों ने नई शुरुआत की उम्मीद में वापस उन जगहों पर लौटना शुरू कर दिया है, जहां वे पहले कार्य करते थे। गोरखपुर से मुंबई के लिए रोजाना दो ट्रेनें तथा एक दिन छोड़ अगले दिन चलने वाली एक ट्रेन है और इनमें ज्यादातर संख्या में प्रवासी श्रमिक सवार होकर अपने गंतव्य को जा रहे हैं। कुशीनगर एक्सप्रेस और गोरखपुर मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट विशेष ट्रेन रोजाना मुंबई जाती हैं जबकि गोरखपुर और बांद्रा के बीच अवध स्पेशल रेलगाड़ी सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को चलती है। मुंबई जाने वाली रेलगाड़ियां हालांकि अभी पूरी तरह भर कर नहीं जा रही हैं। महाराष्ट्र के ग्रीन जोन में उद्योग शुरू हो गए हैं और वे उन श्रमिकों को वापस बुला रहे हैं जो लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को चले गए थे। महाराष्ट्र पहुंचने वाले श्रमिक 14 दिन घर पर प्रथकवास के बाद अपना कार्य शुरू कर सकते हैं। महाराजगंज के सत्येंद्र कुशवाहा ने रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार करने के दौरान ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया कि वह एक लेमिनेशन कंपनी में काम कर रहे थे। उनका परिवार गांव में रहता है। लॉकडाउन के दौरान वह बेरोजगार हो गए थे और उनकी बचत का पैसा भी कम होने लगा। एक महीने पहले वह अपने गांव पहुंचे थे। सफर पैदल भी तय किया और ट्रक में बैठकर भी।

उन्होंने बताया कि अब उनकी फैक्टरी के मालिक वापस बुला रहे हैं और उनके कौशल के हिसाब से गांव में कोई काम नहीं है इसलिए वह वापस लौट रहे हैं। एक अन्य प्रवासी श्रमिक राम मनोहर गोरखपुर के पिपराइच में रहते हैं। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ वापस नासिक जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह बैग बनाने वाली कंपनी में काम करते थे और लॉकडाउन के बाद बेरोजगार हो गए थे। एक अन्य श्रमिक सुमित शर्मा गैस कटर मशीन चलाते हैं और पहले मुंबई में काम करते थे। वह 29 दिन पहले मुंबई से देवरिया स्थित गांव पहुंचे थे। उन्हें भी फैक्टरी के मालिक ने वापस बुलाया है।



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