राष्ट्रीय

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लखवी की सजा पर MEA ने कहा, महत्वपूर्ण बैठकों से पहले हास्यास्पद कदम उठाना पाक के लिए आम बात है

08 Jan 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। भारत ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड एवं लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी को आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में पाकिस्तानी अदालत द्वारा 15 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद पाकिस्तान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठकों से पहले हास्यास्पद कदम उठाना पाकिस्तान के लिए आम बात हो गई है। लखवी को दी गई कारावास की सजा और एक अन्य पाकिस्तानी अदालत द्वारा आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बारे में सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि ये कदम साफ दिखाते हैं कि इनका मकसद फरवरी 2021 में एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई कार्य बल) की पूर्ण बैठक और एपीजेजी (एशिया प्रशांत संयुक्त समूह) की बैठक से पहले अनुपालन की भावना को दर्शाना है। उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण बैठकों से पहले इस प्रकार के हास्यास्पद कदम उठाना पाकिस्तान के लिए आम बात हो गई है।’’ श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संगठन और घोषित आतंकवादी पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के भारत विरोधी एजेंडे को पूरा करने के लिए उसके परोक्ष माध्यम के रूप में काम करते हैं। पाकिस्तान को जवाबदेह बनाना और यह सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह आतंकवादी संगठनों, आतंकवाद के बुनियादी ढांचों और आतंकवादियों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करे।’’ उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने लखवी को आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में शुक्रवार को 15 साल जेल की सजा सुनायी। इससे पहले, गुजरांवाला में एक आतंकवाद रोधी अदालत ने बृहस्पतिवार को अजहर के खिलाफ आतंक के वित्तपोषण के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।



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सरकार की किसान संघों के साथ बातचीत समाप्त, 15 जनवरी को होगी अगले दौर की वार्ता

08 Jan 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 43 दिन से जारी है और किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं, केंद्र सरकार कोशिश कर रही है कि कैसे किसानों की समस्याओं का समाधान कर इनके प्रदर्शनों को समाप्त कराया जाए। इसके लिए सरकार और 40 किसान संगठनों के बीच बातचीत हुई। आठवें दौर की यह बातचीत विज्ञान भवन में हुई। जहां पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। जानकारी मिली है कि वार्ता की शुरुआत के साथ ही किसान संगठनों ने कृषि कानूनों की वापसी की मांग की और सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया। लेकिन किसान अपने रुख पर अड़े रहे। बताया जा रहा है कि सरकार ने कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव भी किसानों के समक्ष रखा था। इसी बीच लंच ब्रेक हुआ और केंद्रीय मंत्री मीटिंग रूम से बाहर आ गए मगर किसानों ने लंच करने से इंकार कर दिया। सूत्रों ने जानकारी दी कि बैठक में सरकार की ओर से कहा गया कि कानूनों को वापस नहीं लिया जा सकता है क्योंकि काफी किसान कानून के पक्ष में हैं। वहीं दूसरी तरफ किसान संघ कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को दोहराते रहे। एक बार फिर से सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा साबित हुई। अब अगले दौर की वार्ता 15 जनवरी को होने की संभावना जताई जा रही है।



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चीन में फंसे दो जहाजों के मुद्दे को तत्परता से उठा रहा है भारत : विदेश मंत्रालय

01 Jan 2021 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पिछले कुछ महीनों से चीनी जलक्षेत्र में फंसे दो जहाजों एवं उन पर पर सवार चालक दल के 39 भारतीय सदस्यों की मानवीय जरूरतों का ध्यान रखने और इस मुद्दे का जल्द समाधान निकालने के लिये बीजिंग, हेबेई एवं तियानजिन स्थित चीनी प्रशासन के साथ भारतीय उच्चायोग लगातार सम्पर्क में है। इसके अलावा विदेश मंत्रालय भी नयी दिल्ली स्थित चीनी दूतावास से सम्पर्क बनाये हुए है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने अपने बयान में कहा कि मालवाहक पोत एमवी जग आनंद 13 जून से चीन के हुबेई प्रांत में जिंगटांग बंदरगाह के पास खड़ा है और उस पर 23 भारतीय नागरिक चालक दल के रूप में सवार हैं। उन्होंने बताया कि एक अन्य पोत एमवी अनासतासिया पर 16 भारतीय नागरिक चालक दल के रूप में हैं और यह 20 सितंबर से चीन के कोओफिदियन बंदरगाह के पास खड़ा है और माल के निपटारे का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण चालक दल के सदस्य काफी दबाव में हैं और ऐसी स्थिति में इन दोनों मामलों को तत्परता से आगे बढ़ाया जा रहा है।श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि दूसरे देशों के कई अन्य जहाज अपना माल उतारने की बारी का इंतजार कर रहे हैं।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बीजिंग में हमारे उच्चायोग ने लगातार इन दोनों मामलों को चीन के विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष उठाया है और उनसे आग्रह कर रहा है कि जहाज को लंगर डालने और / या चालक दल को बदलने की अनुमति दी जाए।’’ उन्होंने बताया कि भारत के राजदूत ने व्यक्तिगत तौर पर चीन के विदेश उपमंत्री के समक्ष उठाया है। मंत्रालय भी इस मुद्दे पर चीनी उच्चायोग के सम्पर्क में है। श्रीवास्तव ने कहा कि चीनी प्रशासन ने हमें बताया है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर कई तरह के प्रतिबंध लगाने के कारण इन बंदरगाहों पर चालक दल में बदलाव की अनुमति नहीं दी गई।उन्होंने कहा कि चीन के विदेश मंत्रालय ने नवंबर 2020 में बताया था कि जिंगटांग बंदरगाह पर चालक दल में बदलाव व्यवहार्य नहीं है और जहाज कंपनी के मालिक/एजेंट चीन के तियानजिन बंदरगाह पर चालक दल में बदलाव के लिये आवेदन कर सकते हैं तथा स्थानीय प्रशासन अनुरोध प्राप्त होने पर इस पर विचार करेगा। प्रवक्ता ने कहा कि संबंधित जहाज कंपनियों से चालक दल में बदलाव को लेकर तेजी से आवेदन करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि जहाज कंपनियां जहाज को वर्तमान स्थिति से लंगर तक ले जाने के लिये लाजिस्टिक सुविधाओं के बारे में आकलन कर रही है, वहीं हमारा उच्चायोग तियानजिन में संबंधित प्राधिकार के साथ चालक दल में बदलाव की मंजूरी को लेकर सम्पर्क में है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम समझते हैं कि एमवी अनासतासिया समुद्र मेंकोओफिदियन बंदरगाह पर वर्तमान स्थिति से ही चालक दल में बदलाव की संभावना तलाश रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे उच्चायोग ने कल (बृहस्पतिवार) को चीनी प्राधिकारियों को विकल्प का प्रस्ताव दिया और इस बारे में उनसे मंजूरी मांगी। ’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने चीन के विदेश मामलों के मंत्रालय के बयान को देखा है जो जरूरी सुविधा एवं मदद पहुंचाने को लेकर है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम उम्मीद करते हैं कि जहाज पर उत्पन्न मानवीय स्थिति को देखते हुए यह सहायता तत्परता तथा व्यवहारिक एवं समयबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी। ’’ श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार इस गतिरोध का जल्द समाधान निकालने के साथ चालक दल की मानवीय जरूरतों का ध्यान रखने के लिये चीनी प्रशासन के साथ नियमित सम्पर्क बनाए हुए है।



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मोदी कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले, खुलेंगे 1 करोड़ डाटा सेंटर, पीएम WiFi को मिली मंजूरी

09 Dec 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

देश में जारी किसान आंदोलन के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद और संतोष गंगवार ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी। कैबिनेट बैठक पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज बैठक में देश में 1 करोड़ नए डाटा सेंटर खोलने की एक बड़ी योजना, लक्षद्वीप में अंडमान जैसी ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी की योजना और अरुणाचल के ऐसे इलाके जहां टेलीफोन की कोई सुविधा नहीं है वहां 4जी देने का निर्णय केंद्र सरकार ने किया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कैबिनेट ने देश में बड़े पैमाने पर वाई-फाई नेटवर्क को लाने के लिए पीएम-वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफ़ेस-लॉन्च करने का निर्णय लिया है। देश में सार्वजनिक डेटा केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए कोई लाइसेंस, शुल्क या पंजीकरण नहीं होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मुख्य भूमि (कोच्चि) और लक्षद्वीप द्वीप समूह के बीच पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल कनेक्टिविटी के प्रावधान को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मंजूरी दी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 1,584 करोड़ रुपये और पूरी योजना अवधि के लिए रु 2,810 करोड़ यानी 2020-2023; लगभग 58.5 लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने की योजना है।



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PM मोदी ने जाइडस कैडिला की उत्पादन इकाई में वैक्सीन एक्सपर्ट्स के साथ की बैठक

28 Nov 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के टीके के विकास कार्य की समीक्षा के लिए तीन शहरों का अपना दौरा शनिवार को आरंभ किया। वह सबसे पहले अहमदाबाद के निकट फार्मास्युटिकल कंपनी जाइडस कैडिला की उत्पादन इकाई में गए। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद से करीब 20 किमी दूर स्थित जाइडस कैडिला के चांगोदर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अनुसंधान केंद्र में टीके के विकास की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान मोदी ने पीपीई किट पहन रखी थी। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से करीब नौ बजे अहमदाबाद हवाईअड्डे पर पहुंचे, वहां से वह सबसे पहले जाइडस कैडिला के संयंत्र में पहुंचे जहां उन्होंने कंपनी के प्रमोटरों और अधिकारियों से बात की। मोदी करीब एक घंटे तक संयंत्र में रहे। फिर हवाईअड्डे रवाना हो गए। वह हैदराबाद जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जाइडस कैडिला ने कोविड-19 के खिलाफ जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास किया है जिसके पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है और कंपनी ने अगस्त से दूसरे चरण का परीक्षण शुरू किया था। मोदी का अहमदाबाद के बाद हैदराबाद जाने का कार्यक्रम है जहां वह टीका निर्माता भारत बायोटेक के संयंत्र का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हैदराबाद स्थित हकीमपेट वायुसेना केंद्र पर पहुंचने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक के संयंत्र में जाएंगे। भारत बायोटेक द्वारा विकसित संभावित टीके कोवैक्सिन का तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है। भारत बायोटेक के संयंत्र में करीब एक घंटा बिताने के बाद मोदी पुणे रवाना होंगे जहां वह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) जाएंगे जिसने कोविड-19 टीके के लिए वैश्विक दवा निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की है। अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री एसआईआई परिसर शाम करीब साढ़े चार बजे पहुंचेंगे और यहां करीब एक घंटे तक रहेंगे। उन्होंने बताया कि मोदी शाम को दिल्ली रवाना होंगे।



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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना, बोले- देश उनका ऋणी है

15 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का जिक्र किया और विदेशी निवेशकर्ताओं की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता का अर्थ स्वयं सक्षम होना है, दुनिया से अलगाव या दूरी बनाना नहीं। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ यह भी है कि भारत वैश्विक बाज़ार व्यवस्था में शामिल भी रहेगा और अपनी विशेष पहचान भी कायम रखेगा। कोरोना महामारी के संबंध में उन्होंने डाक्टरों, नर्सो और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश उनका ऋणी है जो लगातार अग्रिम मोर्चे पर इस महामारी से लोहा ले रहे हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि अपने सामर्थ्य में विश्वास के बल पर, हमने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अन्य देशों की ओर भी मदद का हाथ बढ़ाया है। अन्य देशों के अनुरोध पर, दवाओं की आपूर्ति करके, हमने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि भारत संकट की घड़ी में, विश्व समुदाय के साथ खड़ा रहता है। अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केवल दस दिन पहले अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का शुभारंभ हुआ है और देशवासियों को गौरव की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देशवासियों ने लम्बे समय तक धैर्य और संयम का परिचय दिया और न्याय में आस्था को कायम रखा। श्रीराम जन्मभूमि संबंधी न्यायिक प्रकरण को समुचित न्याय प्रक्रिया से सुलझाया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी पक्षों और देशवासियों ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय को सम्मान के साथ स्वीकार किया और शांति , अहिंसा, प्रेम और सौहार्द के अपने जीवन मूल्यों को विश्व के समक्ष पुन: प्रस्तुत किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए, हाल ही में सम्पन्न चुनावों में भारत को मिले भारी समर्थन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत के प्रति व्यापक अंतरराष्ट्रीय सद्भावना का प्रमाण है। कोविंद ने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के उत्सवों में हमेशा की तरह धूम-धाम नहीं होगी और इसका कारण स्पष्ट है। पूरी दुनिया एक ऐसे घातक वायरस से जूझ रही है जिसने जन-जीवन को भारी क्षति पहुंचाई है और हर प्रकार की गतिविधियों में बाधा उत्पन्न की है। उन्होंने कहा कि इन असाधारण प्रयासों के बल पर, घनी आबादी और विविध परिस्थितियों वाले हमारे विशाल देश में, इस चुनौती का सामना किया जा रहा है। राज्य सरकारों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की। जनता ने पूरा सहयोग दिया।



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बीती सदियों में हमने दुनिया को एक से बढ़कर एक साइंटिस्ट, टेकनीशियन्स, तकनीकी उद्यमी दिए हैं: नरेंद्र मोदी

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए स्मार्ट इंडिया हैकाथन के ग्रैंड फिनाले को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीती सदियों में हमने दुनिया को एक से बढ़कर एक साइंटिस्ट, टेकनीशियन्स, तकनीकी उद्यमी दिए हैं। लेकिन आज तेजी से बदलती हुई दुनिया में भारत को अपनी वही प्रभावी भूमिका निभाने के लिए उतनी ही तेजी से बदलना होगा।उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ अब देश में इनोवेशन के लिए, रिसर्च के लिए, डिजाइन के लिए और विकास के लिए जरूरी इको सिस्टम तेजी से तैयार किया जा रहा है। अब क्वालिटी ऑफ इजुकेशन पर भारी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन के लिए नए संसाधनों का निर्माण हो या फिर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे ये अभियान, प्रयास यही है कि भारत की शिक्षा और आधुनिक बने, मॉडर्न बने, यहां के टैलेंट को पूरा अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली में अब व्यवस्थित सुधार हो रहा है, शिक्षा के प्रयोजन और विषय-वस्तु में सुधार का प्रयास किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आप भी अपने आसपास देखते होंगे कि आज भी अनेक बच्चों को लगता है कि उनको एक ऐसे विषय के आधार पर जज किया जाता है, जिसमें उसका इंटरेस्ट ही नहीं रहा। मां-बाप का, रिश्तेदारों का प्रेशर होता है तो वो दूसरों द्वारा चुने गए सबजेक्ट्स पढ़ने लगते हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से इसी अप्रोच को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, पहले की कमियों को दूर किया जा रहा है। भारत की शिक्षा व्यवस्था में अब एक सिस्टेमैटिक रिफॉर्म, शिक्षा का इंटेंट और कंटेंट, दोनों को ट्रांसफ्राम करने का प्रयास है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, हमारे देश के महान शिक्षाविद डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर कहते थे कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो सभी की पहुंच में हो, सभी के लिए सुलभ हो। ये शिक्षा नीति, उनके इस विचार को भी समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि ये शिक्षा नीति ‘नौकरी मांगने वाले’ के बजाए ‘नौकरी सृजन करने वाला’ बनाने पर जोर दिया गया है। यानि एक प्रकार से ये हमारे माइंडसेट में, हमारी अप्रोच में ही रिफॉर्म लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि गरीबों को बेहतर जीवन देने के लिए जीवन की सुगमता का लक्ष्य हासिल करने में युवा वर्ग की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि स्मार्ट इंडिया हैकाथन के 2017 में हुए पहले संस्करण में 42,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। यह संख्या 2018 में बढ़कर एक लाख और 2019 में बढ़कर दो लाख हो गई थी। स्मार्ट इंडिया हैकाथन 2020 के पहले दौर में साढ़े चार लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।



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असम नें बाढ़ से बेहद खराब हालात, पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से की बात, मदद का दिलाया भरोसा

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में बाढ़ के कारण पैदा हुए हालात से निपटने के लिए रविवार को राज्य को हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। इस बाढ़ के कारण इस साल अब तक 81 लोगों की मौत हो चुकी है। मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बाढ़ संबंधी हालात को लेकर चर्चा की। उन्होंने कोविड-19 संबंधी स्थिति और ऑयल इंडिया के बागजान गैस कुएं में आग बुझाने के जारी प्रयासों की भी जानकारी ली। सोनोवाल ने ट्वीट किया, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह फोन पर बातचीत करके असम में बाढ़, कोविड-19 संबंधी हालात और बागजान तेल कुएं में आग संबंधी स्थिति की जानकारी ली।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने राज्य के प्रति चिंता एवं लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की और हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।’’ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि सोनोवाल ने लोगों के सामने आ रही समस्याओं से निपटने के लिए राज्य में अब तक उठाए गए कदमों के बारे में मोदी को सूचित किया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सुबह अपने बुलिटेन में बताया कि इस वर्ष बाढ़ और भूस्खलन से राज्य में 107 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 81 लोगों की मौत बाढ़ संबंधी घटनाओं और 26 लोगों की मौत भूस्खलनों के कारण हुई।असम के 33 जिलों में से 26 जिलों में 27 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई स्थानों पर मकान, फसलें, सड़क एवं पुल तबाह हो गए। असम में कोरोना वायरस संक्रमण के 22,981 मामले सामने आ चुके है। इनमें से केवल गुवाहाटी शहर में 10,503 मामले सामने आए हैं। राज्य में संक्रमण के कारण 53 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, असम में ऑयल इंडिया लिमिटेड के क्षतिग्रस्त बागजान गैस कुएं से पिछले 54 दिन से अनियंत्रित तरीके से गैस रिसाव हो रहा है। इसमें नौ जून को आग लग गई थी।



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कोरोना से निपटने में केंद्र और दिल्ली सरकार के प्रयासों को PM ने सराहा, साफ-सफाई पर दिया जोर

11 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कोविड-19 के हालात से निपटने में केंद्र, राज्य और स्थानीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए शनिवार को निर्देश दिया कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में महामारी को काबू में करने के लिए इसी तरह के तरीके अपनाये जाएं। देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 की स्थिति और विभिन्न राज्यों की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘उन क्षेत्रों में रोकथाम कार्यों की करीबी निगरानी और मार्गदर्शन किया जाये जहां संक्रमण की दर अधिक है।’’ प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार मोदी ने यह निर्देश भी दिया कि अधिक संक्रमण दर वाले सभी राज्यों और स्थानों पर तत्काल राष्ट्रीय स्तर की निगरानी और दिशा-निर्देशन की व्यवस्था होनी चाहिए।मोदी ने सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई और सामाजिक अनुशासन के पालन की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महामारी के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाई जानी चाहिए और संक्रमण के प्रकोप की रोकथाम पर सतत जोर होना चाहिए। वक्तव्य के अनुसार मोदी ने कहा कि इस संबंध में संतुष्ट हो जाने की कोई गुंजाइश नहीं है। वक्तव्य के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री ने दिल्ली में महामारी के हालात पर नियंत्रण में केंद्र, राज्य और स्थानीय अधिकारियों के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा की।’’ इसमें कहा गया, ‘‘उन्होंने यह निर्देश भी दिया कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में कोविड-19 महामारी पर काबू पाने में अन्य राज्य सरकारों को भी इस तरह के प्रयास करने चाहिए।’’ समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और कैबिनेट सचिव समेत अन्य ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘पूरे देश में कोविड-19 स्थिति की समीक्षा करने के लिए एक व्यापक बैठक की थी। संक्रमण को रोकने के लिए चल रहे प्रयासों का जायजा लिया।’’ शाह ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ एनसीआर में वायरस को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की थी।बयान में बताया गया कि बैठक में अहमदाबाद में ‘धनवंतरी रथ’ के माध्यम से निगरानी और घर-घर जाकर मरीजों की देखभाल करने के ‘सफल उदाहरण’ का भी उल्लेख किया गया और निर्देश दिया गया कि अन्य स्थानों पर भी इसे अपनाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार की सुबह आये आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले आठ लाख के आंकड़े को पार कर गए है। सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकडों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 519 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 22,123 हो गई है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से हुईं 519 मौतों में से 226 महाराष्ट्र में, 64 तमिलनाडु में, 57 कर्नाटक में, 42 दिल्ली में, 27 उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 26 लोगों की मौत हुई है। इनके अलावा आंध्र प्रदेश में 15 लोगों की, गुजरात में 14, तेलंगाना में आठ और राजस्थान में छह लोगों की मौत हुई है। असम और जम्मू कश्मीर में पांच लोगों की, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पंजाब में चार-चार लोगों की, हरियाणा और पुडुचेरी में तीन-तीन तथा दो लोगों की मौत छत्तीसगढ़ में हुई है।



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मंत्रिमंडल के फैसलों से करोड़ों भारतीय होंगे लाभान्वित, PM मोदी ने कहा- सुधार यात्रा जारी है

24 Jun 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों का उद्देश्य आर्थिक विकास तथा अंतरिक्ष में देश की उन्नति को गति प्रदान करना एवं किसानों, ग्रामीणों व छोटे कारोबारों की मदद करना है। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके कहा कि इन फैसलों से करोड़ों भारतीय लाभान्वित होंगे। उन्होंने ग्रहों की खोज के मिशनों समेत अंतरिक्ष की गतिविधियों में निजी क्षेत्र को शामिल होने की अनुमति देने के फैसले का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘‘सुधार यात्रा जारी है।’’ मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार को मंत्रिमंडल की मंजूरी देश को आत्मनिर्भर तथा तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने की दिशा में एक और कदम है। उन्होंने कहा, ‘‘सुधारों से निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी।’’ सूख्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) क्षेत्र के संबंध में लिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत शिशु ऋण खातों के लिए ब्याज सहायता योजना शुरू की है। उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना छोटे कारोबारों को बहुत सहयोग और स्थिरता प्रदान करेगी।’’ उन्होंने कहा कि पशुधन बुनियादी विकास निधि की स्थापना इस क्षेत्र की मजबूती के लिए कारगर होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगी। मोदी ने कहा, ‘‘निवेश और विशेष रूप से डेयरी क्षेत्र में बुनियादी विकास को गति मिलेगी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुशीनगर विमानपत्तन को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के रूप में उन्नत करने का फैसला उत्तर प्रदेश, पर्यटन क्षेत्र और भगवान बुद्ध के आदर्श विचारों से प्रेरित लोगों के लिए शुभ समाचार है। उन्होंने कहा, ‘‘कुशीनगर हवाईअड्डा अब अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन होगा। कनेक्टिविटी में और सुधार होगा। अधिक पर्यटक और तीर्थयात्रियों के आने का मतलब होगा कि स्थानीय लोगों के लिए बेहतर अवसर होंगे।



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