बिहार

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नीतीश सरकार ने किया साफ, सुशांत के पिता मांग करेंगे तो CBI जांच की सिफारिश संभव

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। बिहार के एक मंत्री ने शनिवार को कहा किअभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का परिवार अगर सीबीआई जांच की मांग करता है तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसपर जरूर गौर करेंगे। जल संसाधन मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वासपात्र संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार अभिनेता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में वह हर संभव कदम उठाएगी। गौरतलब है कि 14 जून को सुशांत सिंह का शव मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट से मिला था।जद(यू) के वरिष्ठ नेता ने मुंबई पुलिस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने अभिनेता की मृत्यु के मामले की उचित तरीके से जांच नहीं की और ‘‘जांच के नाम पर सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट और फोटा खिंचवाने में व्यस्त रही।’’ मंत्री ने बताया, ‘‘अगर अभिनेता के परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग की जाती है तो मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इसपर कार्रवाई करेंगे।’’ सुशांत के परिवार ने मदद के लिए झा से संपर्क किया था। मंत्री का कहना है कि लोग चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और जिन्होंने गलती की है उन्हें सजा मिले। मुंबई पुलिस के ‘असहयोग’ के लिए उनपर निशाना साधते हुए झा ने कहा कि सुशांत के पिता के.के. सिंह की लिखित शिकायत पर पटना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच शुरू हुई है।



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RJD पर बरसे जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन, उपवास को बताया मानवता विरोधी

29 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। कोरोना संक्रमण की वजह से घोषित लॉकडाउन में बिहार के कई मजदूर देश के अलग-अलग हिस्सों से बिहार आना चाहते हैं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ये साफ कर चुके हैं कि लॉकडाउन के गाइडलाइंस का उलंघन कर उन्हें बिहार नहीं लाया जाएगा। बजाए उन्हें उन राज्यों में बने रह कर स्वयं एवं अपने परिवार को कोरोना संक्रमण से बचाने की सलाह देने के। राजद ने उन्हें बिहार बुलाने की माँग के लिए उपवास का निर्णय लेकर एक बार फिर न केवल अपने वैचारिक दिवालियापन का प्रमाण दे दिया है बल्कि यह क़दम मानवता विरोधी एवं उकसावापूर्ण भी है।

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने विपक्ष के इस रवैये को गैरजिम्मेदाराना और शर्मनाक करार दिया है। राजीव रंजन ने कहा कि विपत्ति की इस घड़ी में जैसे बयान विपक्ष की ओर से दिए जा रहे हैं वह ना सिर्फ मानवता के लिए खतरनाक है बल्कि संक्रमण के दायरे को बढ़ाए जाने में इस तरह के मांगों की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को नसीहत दी कि अगर उनमें प्रवासी मजदूरों के लिए दर्द है, उनके लिए उनके मन में हमदर्दी है तो जहां भी बिहार के मजदूर फंसे हैं वहां की सरकार से वो बात करके उनके खाने की, रहने की व्यवस्था करवा दें, जिस कारखाने में वो काम करते हैं वहां से उनकी बकाया राशि का भुगतान करवा दें ताकि वह लोग जहां हैं वहां रहकर ही कोरोना के संक्रमण के दायरे को कम करने में योगदान दे पाए। जिन राज्यों में उनकी समर्थित सरकार है वहां की सरकार से बिहारी मजदूरों की चिंता करने के लिए दबाव बनाएं तो यह ज्यादा सार्थक होगा। लेकिन सिर्फ सरकार का विरोध करने की आड़ में विपक्ष गैरजिम्मेदाराना बातें दे रहा है।

प्रसाद ने कहा कि पंद्रह लाख से ज़्यादा प्रवासी मज़दूरों के एकाउंट्स में प्रति व्यक्ति हज़ार रुपए का अंतरण,नौ राज्यों के बारह शहरों में पचपन राहत शिविर के साथ साथ सम्बद्द राज्य सरकारों से समन्वय कर उन्हें राहत पहुँचाने की हर मुमकिन कोशिश जारी है। साथ ही जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा पीएम श्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बिहार ने मजबूती के साथ अपना स्टैंड रख दिया है।



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सतर्क बिहारी लेगा टक्कर, कोरोना भागेगा दुम दबाकर: लालू यादव

13 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद ने कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर उत्पन्न स्थिति पर अपने अंदाज में सोमवार को कहा कि ‘सतर्क बिहारी लेगा टक्कर, कोरोना भागेगा दुम दबाकर।’ रांची के एक अस्पताल में भर्ती चारा घोटाला मामले में सजा याफ्ता लालू ने कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर उत्पन्न स्थिति पर अपने अंदाज में कहा, ‘‘बैठे-बैठे, घर के अंदर, बनो जादूगर, मारो मंत्र, खोजो तंत्र, यही है यंत्र, सबसे पवित्र, लगा सवर्त्र, अपनी मौत, मरेगा कोरोना, बात हमारी, रख लो लिख कर।’’आप सबों से प्रार्थना है अपने और अपनों के जीवन के लिए घर में ही रहें।

सतर्क बिहारी लेगा टक्कर

कोरोना भागेगा दुम दबाकर।

उन्होंने लोगों से कहा है कि आप सबों से प्रार्थना है अपने और अपनों के जीवन के लिए घर में ही रहें। लालू ने कहा, सतर्क बिहारी लेगा टक्कर, कोरोना भागेगा दुम दबाकर।



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दिग्विजय सिंह ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, पानी और बिजली के बिल माफ करने की अपील

01 Apr 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के गरीब और कमजोर वर्ग के पानी और बिजली के बिल माफ करने की अपील की है। उन्होंने पत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि गरीब और कम आय वर्ग के लोगों के मार्च और अप्रैल के बिजली व पानी के बिलों को माफ किये जाने के संबंध में वे अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने का कष्ट करें। दिग्विजय सिंह ने बुधवार को यह पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा।

दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि देश में व्याप्त कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन से मध्य प्रदेश के गरीब दुकानदार, छोटे व्यापारी एवं रोजगार खो चुके अनेक निम्न एवं निम्न मध्य वर्ग के लोगों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन की वजह से घरों में रहने के कारण एक और इनकी आय समाप्त हो गई है। वहीं इस वर्ग के लोगों के घरों की बिजली की खपत में वृद्धि हुई है। कोरोना महामारी उत्पन्न हालातों को देखते हुए, इन गरीब और कम आय वर्ग के लोगों को हालातों से निपटने के लिए बिजली और पानी के बिलों में राहत प्रदान की जानी चाहिए। मेरा आपसे सादर अनुरोध है कि मध्यप्रदेश में 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के मार्च एवं अप्रैल 2020 के बिजली बिल एवं मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं के अंतर्गत पेयजल उपभोक्ताओं के मार्च एवं अप्रैल 2020 के पानी के बिल माफ करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।इससे पहले दिग्विजय सिंह ने रूस में फंसे 295 भारतीय विद्यार्थीयों को लेकर विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होनें रूस में भारतीय दूतावास को निर्देशित करने का अनुरोध किया था। दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में रूस में अध्ययन कर रहे 295 भारतीय विद्यार्थीयों की सूची भी संलग्न कर भेजी थी। दिग्विजय सिंह ने अपनी सांसद निधि से 25 लाख रूपए कोरोना महामारी से बचाओ एवं लोगों की सहायता के लिए देने को लेकर कलेक्टर भोपाल को पत्र लिखकर राशी का उपयोग करने का अनुरोध किया था।



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विशेष बस से लोगों को भेजना गलत कदम, इससे लॉकडाउन पूरी तरह असफल हो जाएगा : नीतीश

28 Mar 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए जारी देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो जाने पर, दूसरे राज्यों से अपने मूल प्रदेश लौट रहे मजदूरों और अन्य गरीब लोगों को बसों से भेजे जाने को एक गलत कदम बताते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि यह कदम लॉकडाउन को पूरी तरह असफल कर देगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक प्रेस विग्यप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा है कि विशेष बसों से लोगों को भेजना एक गलत कदम है। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना वायरस महामारी और फैलेगी जिसकी रोकथाम और उससे निबटना सबके लिए मुश्किल होगा। उन्होंने कहा ‘‘जो जहां हैं उनके लिये रहने खाने की व्यवस्था वहीं की जा रही है। बसों से लोगों को उनके राज्य भेजने काफैसला लॉकडाउन को पूरी तरह असफल कर देगा।’’

सभी बिहार वासी जो #COVID19 महामारी की रोकथाम हेतु किये गए #lockdown के कारण अन्य राज्यों में फंसे हैं, उनकी सहायता हेतु निम्न लिंक पर अपनी और अपने साथ फंसे अन्य लोगों की जानकारी दें।

बिहार के बाहर फसे हुए बिहारवासियो को मदद पहुचाने हेतु संपर्क प्रणाली की स्थापना ।

नीतीश ने सुझाव दिया कि स्थानीय स्तर पर ही कैम्प लगाकर लोगों के रहने और खाने का इंतजाम किया जाए। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर से हजारों की संख्या में लोग अपने घर जाने के लिए पैदल निकल पड़े हैं। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 200 बसों का इंतजाम किया है। ये बसें नोएडा-गाजियाबाद से हर दो घंटे में रवाना होंगी। इन बसों में ज्यादातर लोग पूर्वांचल और बिहार के हो सकते हैं।



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RJD के ''ट्रबल इंजन'' के जवाब में लालू के खिलाफ करप्शन मेल

24 Jan 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल के आखिरी में हैं। वहीं सूबे की दो प्रमुख दल सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच पोस्टर वॉर लगातार जारी है। बीते दिनों राजद ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए एक पोस्टर जारी किया था जिसमें भाजपा और जदयू गठबंधन पर तंज कसा गया था।

जिसके पलटवार के रूप में बिहार में एक नया पोस्टर सामने आया है। जिसके जरिए लालू यादव और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा गया है। इस पोस्टर में लालू के हाथ में एक डायरी है जिस पर अपराध गाथा लिखा हुआ है और पीछे एक ट्रेन खड़ी है जिस पर करप्शन एक्सप्रेस लिखा हुआ है। इस पोस्टर में पटना से होकर जाने वाली ट्रेन के पास तेजस्वी यादव स्टेशन पर बैठे दर्शाया गया है। साथ ही पोस्टर में चारा घोटाले, हिंसा और बाढ़ की तस्वीरों को भी दर्शाया गया है।



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ममता का आरोप, TMC नेताओं पर BJP में शामिल होने का दबाव डाल रहीं केंद्रीय एजेंसियां

21 Jul 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकी दे रही हैं कि यदि वे भाजपा के संपर्क में नहीं आएंगे तो उन्हें चिटफंड घोटाला मामलों में जेल भेज दिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने यहां शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि पार्टी 26 जुलाई को राज्यवयापी विरोध प्रदर्शन करेगी और भाजपा द्वारा ‘‘जुटाए गए’’ काले धन को वापस करने की मांग करेगी।

बनर्जी ने कहा, ‘‘केंद्रीय एजेंसियां चिटफंड घोटाले से संबंधित मामलों को लेकर हमारे नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकी दे रही हैं और उनसे भाजपा के संपर्क में रहने या फिर जेल का सामना करने को कह रही हैं।’’ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा धन और अन्य प्रलोभनों के जरिए तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को ललचाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा पाला बदलने की स्थिति में हमारे विधायकों को दो करोड़ रुपये और एक पेट्रोल पंप देने की पेशकश कर रही है...कर्नाटक की तरह, भाजपा हर जगह खरीद-फरोख्त में शामिल है।’’ बनर्जी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उसे देखते हुए लगता है कि वह ‘‘दो साल से अधिक समय तक’’ नहीं टिक पाएगी। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, ‘‘संसद के अच्छी तरह से चलने का श्रेय विपक्षी दलों को जाता है, न कि सत्तारूढ़ दलों को।’’



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वायुसेना के सफल एयर स्ट्राइक पर बोले शिवराज, आतंकवाद को खोद कर गाड़ देंगे

26 Feb 2019 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं बीजेपी उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय वायुसेना के सफल ऑपरेशन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आतंकवाद को खोद कर गाड़ देंगे और प्रधानमंत्री ने साफ कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं और जिसने छेड़ा उसको छोड़ेंगे नहीं। भारतीय वायुसेना के जज्बे को सलाम और प्रणाम। इसी के साथ शिवराज सिंह चौहान ने हाऊ द जोश के नारे भी लगाए।

चौहान ने आगे भारतीय वायुसेना के जवानों को बधाई दी और कहा कि आप के शौर्य से हम अभिभूत हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान ने मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे सीमापार कर जैश के बंकरों को तबाह कर दिया। हालांकि इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही वायुसेना प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दे सकते है। इसी मुद्दे को लेकर वायुसेना मुख्यालय में बैठक चल रही है।



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उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, बोले, आरएसएस के एजेंडे पर चल रही नरेंद्र मोदी सरकार

10 Dec 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है। दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उपेंद्र कुशवाहा ने इसका आधिकारिक एेलान करते हुए पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की जनता से किया वादा पूरा नहीं किया। सरकार ने सूबे को स्पेशल पैकेज देने का वादा किया था जो छलावा निकला। बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया। सीट शेयरिंग पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कम सीट देकर हमें कमजोर करने की कोशिश की गई। अकेले लड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि एनडीए को छोड़कर बाकी सभी विकल्प खुले हैं।अपने पुराने बयान, देश में मोदी से बेहतर विकल्प न होने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अब परिस्थिति बदल गई है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी का बिहार में सूपड़ा साफ हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाएगी। कहा कि सरकार अपने नहीं आरएसएस के एजेंडे पर चल रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में आरएसएस प्रमुख के बयान ने परिणाम में नकारात्मक असर डाला। यूनीवर्सटी तक में संघ से जुड़े लोगों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आने के बाद यूनीवर्सटी नहीं डिपार्टमेंट वाइस वैकेंसी निकाली गई। जिससे ओबीसी वर्ग की हकमारी बड़े पैमाने पर हुई। कई मुद्दों पर कोर्ट का हवाला देकर सरकार ने अपना पल्ला झाड़ लिया। राम मंदिर बनाने से जुड़े सवाल पर उपेंद्र ने कहा कि इसमें पार्टी का कोई विरोध नहीं है। राजनीतिक दल का काम मंदिर बनाना नहीं है, जनता की सेवा करना है। इस लिए मंदिर बनाने का काम उचित लोगों पर छोड़ दिया जाए।

इसके पहले, उपेंद्र कुशवाहा ने कैबिनेट मंत्रिमंडल से अपने मंत्रिपद का इस्तीफा पीएम मोदी कार्यालय को भेज दिया है। कहा जा रहा है कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और आज शाम चार बजे महागठबंधन की हो रही बैठक में भी शिरकत कर सकते हैं।संसद के शीतकालीन सत्र के एक दिन पहले ख़ासकर चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम का इंतज़ार किए बिना मंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर कुशवाहा ने निश्चित रूप से इस बात का संकेत दिया है कि बिहार के विधानसभा चुनावों में वो अब बिहार की नीतीश कुमार की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के अपने लक्ष्य पर काम करेंगे।कहा जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा ने इस संबंध को पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मैंने काफी आशा और उम्मीदों के साथ आपके नेतृत्व में एनडीए का साथ पकड़ा था, मेरा किसी और से गठबंधन नहीं था। 2014 की लोकसभा चुनाव में आपने बिहार के लोगों से जो भी वादे किए थे, उसी को देखते हुए मैंनै अपना समर्थन बीजेपी को दिया था। लेकिन, वो वादे पूरे नहीं हो सके। रालोसपा सांसद रामकुमार शर्मा ने कहा कि हमारी बहुत बेइज्जती हो चुकी है और हमने एनडीए को बहुत वक्त दिया, लेकिन लगातार हमारा अपमान किया गया। हमारी पार्टी के अध्यक्ष और हमने ये फैसला कर लिया है कि अब एनडीए में नहीं रहेंगे। हमने अपनी पार्टी के अध्यक्ष को अधिकृत किया है कि वो जो फैसला लेंगे वो हमारे लिए सर्वमान्य होगा।रामकुमार शर्मा के बयान से अब ये बात साफ हो गई है कि उपेंद्र कुशवाहा ने आज एनडीए छोड़ने का मन बना लिया है और इसी कारण वो एनडीए की आज होने वाली इस अति महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे। कुशवाहा नीतीश कुमार और अमित शाह की हुई संयुक्त बैठक और प्रेस कांफ्रेंस में सीटों के 50-50 बंटवारे के बाद से ही नाराज चल रहे थे और रालोसपा को कम सीटें दिए जाने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई थी।इससे पहले कल ही उपेंद्र कुशवाहा ने कह दिया था कि अब एनडीए में किसी से कोई बात नहीं होगी। कुशवाहा ने रालोसपा के चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए बिहार में भी नीतीश कुमार की सरकार पर जोरदार हमला बोला था और एेसी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया था। कुशवाहा आज अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं और ऐसी लड़ाई जिसमें उन्हें सिर्फ और सिर्फ फतह चाहिए।इससे पहले नीतीश कुमार बीजेपी पर हमला बोलकर कुशवाहा ने ये बहुत हद तक साफ़ कर दिया था कि उनका एनडीए से मोहभंग हो चुका है लेकिन उन्होंने काफी दिनों तक एनडीए में बने रहने का फैसला लिया।आज दोनों दलों की होने वाली बैठक में सबसे अहम किरदार उपेंद्र कुशवाहा का होगा और उनके फैसले पर सत्ता के साथ-साथ विपक्षी दलों की भी नजर दोपहर बाद कुशवाहा की उस प्रेस वार्ता पर है जिसमें वो अपने राजनैतिक भविष्य को लेकर बात करेंगे। आज की उनकी प्रेस कांफ्रेंस की सबसे बड़ी बात ये भी होगी कि उनकी पार्टी के सांसद रामकुमार शर्मा भी उस प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहेंगे।



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मॉकपोल में हुई गलती, कम अंतर से हार-जीत पर VVPAT की पर्चियों की होगी गिनती

10 Dec 2018 [ स.ऊ.संवाददाता ]

भोपाल। मतदान की पारदर्शिता और निष्पक्षता के मद्देजनर ईवीएम में कराया गया मॉकपोल मध्य प्रदेश के 27 जिलों के 144 मतदान केंद्रों में विवाद का कारण बन सकता है। यहां मॉकपोल में ईवीएम में दर्ज मतों को मतदान से पहले नहीं हटाया गया।इससे ये वोट भी वास्तविक मतदान में प्रत्याशियों को मिले मतों में शामिल हो गए। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी है। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव ने भी इसकी पुष्टि की।बताया जा रहा है कि मतगणना में इन मशीनों में दर्ज मतों को तभी गिनती में लिया जाएगा, जब हार-जीत में इन मशीनों में दर्ज मत असर डाल सकते हैं। चूंकि, पीठासीन अधिकारियों ने वीवीपैट से मॉकपोल की पर्चियां हटा दी थीं, इसलिए बाकी पर्चियों से ही गिनती की जाएगी। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय चुनाव आयोग लेगा।सूत्रों के मुताबिक, मतदान के बाद पीठासीन अधिकारियों ने पहले तो इस गलती को छुपाया। जब पर्यवेक्षकों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने पड़ताल कराई। इसमें 27 जिलों के 144 मतदान केंद्रों में मॉकपोल में दर्ज किए गए मतों को मतदान से पहले ईवीएम से नहीं हटाने की गलती पकड़ में आई।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मतदान से आधा घंटे पहले मॉकपोल इसलिए कराया जाता है, ताकि सभी प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि निश्चिंत हो जाएं कि ईवीएम ठीक काम कर रही है।एक प्रत्याशी से पांच-पांच वोट डलवाए जाते हैं। इसके नतीजे से संतुष्ट होने पर पीठासीन अधिकारी ईवीएम में दर्ज रिकॉर्ड को हटाकर मतदान कराता है। इन 144 केंद्रों के पीठासीन अधिकारियों ने यह काम नहीं किया और मतदान करा दिया। कम मतों के अंतर से होने वाली हार-जीत में इन 144 केंद्रों की मशीनें विवाद का सबब बन सकती हैं।सूत्रों का कहना है कि मतगणना के दौरान इन मशीनों को संभवत: अलग रखा जाएगा। यदि हार-जीत का अंतर कम रहता है तो फिर इन ईवीएम के मतों को गणना में शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इन ईवीएम में औसत पांच सौ वोट हो सकते हैं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम सही काम कर रही है या नहीं, इसके लिए मॉकपोल में सभी प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों से पांच-पांच मत डलवाए जाते हैं। इसका रिजल्ट भी सभी को बताया जाता है। संतुष्टि होने पर इस रिकॉर्ड को क्लीयर कर मतदान की शुरुआत कराई जाती है। इसके लिए पीठासीन अधिकारी को क्लोज, रिजल्ट और क्लीयर की बटन दबानी होती है। इसके बाद ईवीएम मतदान के लिए तैयार हो जाती है।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, भिंड, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, सिंगरौली, विदिशा, रायसेन, गुना, बालाघाट, दमोह, सागर, सतना, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, कटनी, रतलाम, झाबुआ, नीमच, देवास, बड़वानी, राजगढ़ और छिंदवाड़ा।



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