दिल्ली

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दिल्ली में होटल और साप्ताहिक बाजार खोलने के लिए सिसोदिया ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर कहा कि होटल और साप्ताहिक बाजार खोलने के लिए उप राज्यपाल अनिल बैजल को अनुमति देने का निर्देश दिया जाये। इससे एक दिन पहले बैजल ने राष्ट्रीय राजधानी में होटल और साप्ताहिक बाजार पुनः खोलने के अरविंद केजरीवाल सरकार के निर्णय को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि कोविड-19 से उपजी स्थिति ‘चिंताजनक’ बनी हुई है और खतरा टला नहीं है।

हिंदी में लिखे गए पत्र में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार होटल और साप्ताहिक बाजार को खोलने के प्रस्ताव को मंगलवार को दोबारा उप राज्यपाल के पास भेजेगी। सिसोदिया ने कहा, “मेरा अनुरोध है कि आप उप राज्यपाल को प्रस्ताव अस्वीकार न करने को कहें। व्यापारी जब व्यापार शुरू करेंगे, तो रोजगार उत्पन्न होगा और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।



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भारतीय भाषा और संस्कृति में तिलक का विश्वास नई शिक्षा नीति में झलकता है: अमित शाह

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारतीय भाषाओं और संस्कृति में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का विश्वास हाल ही में जारी नई शिक्षा नीति में झलकता है। ‘लोकमान्य तिलक- स्वराज से आत्मनिर्भर भारत तक’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का उद्घाटन करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के माध्यम से तिलक के विचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत, भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपराओं के तिलक के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। शाह ने कहा, ‘‘भारतीय भाषाओं और भारतीय संस्कृति में लोकमान्य तिलक का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नयी शिक्षा नीति में झलकता है।’’

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई को नई शिक्षा नीति, 2020 को मंजूरी दी थी जिसमें स्कूली और उच्च शिक्षा में आमूल-चूल बदलाव के प्रावधान हैं। लोकमान्य तिलक की सौवीं पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने यहां वेबिनार का आयोजन किया। शाह ने कहा कि तिलक का प्रसिद्ध सूत्रवाक्य था कि सच्चे राष्ट्रवाद की बुनियाद संस्कृति और परंपराओं की आधारशिलाओं पर रखी होती है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सुधार यदि हमारे अतीत की अनदेखी करता है या उसका अपमान करता है तो सच्चे राष्ट्रवाद को समझने में मदद नहीं मिल सकती।’’ गृह मंत्री ने कहा कि तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को सच्चे अर्थों में पूर्णता प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई थी और इसमें बेजोड़ योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि तिलक का यह नारा स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में हमेशा स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा ‘‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे पाकर रहूंगा।’’ शाह ने कहा कि तिलक के इस नारे ने भारतीय समाज में जागरण किया और स्वतंत्रता संघर्ष को जन आंदोलन बना दिया जिसकी वजह से उनका नाम लोकमान्य तिलक पड़ गया। उन्होंने कहा कि भारत और भारतीय संस्कृति के गौरवपूर्ण इतिहास को जानना है तो तिलक के लेखन को समझना होगा। उनकी साहित्यिक कृतियों को पढ़ने से युवाओं को उनके महान व्यक्तित्व का ज्ञान होगा। कामकाजी वर्ग को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने में तिलक के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि तिलक ने लोगों को स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ने के लिए शिवाजी जयंती और गणेशोत्सव मनाना शुरू किया था जिसने स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा ही बदल दी।



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अशोक गहलोत की PM मोदी से अपील, कहा- राजस्थान में हो रहे तमाशे को बंद करवाएं

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जैसलमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खेल खेल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजस्थान में चल रहे इस ‘तमाशे’ को बंद करवाने की अपील की। गहलोत ने यहां संवाददाताओं कहा, ‘‘दुर्भाग्य से इस बार भाजपा का प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त का खेल बहुत बड़ा है। वह कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश का प्रयोग यहां कर रही है। पूरा गृह मंत्रालय इस काम में लग चुका है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘...हमें किसी की परवाह नहीं। हमें लोकतंत्र की परवाह है। हमारी लड़ाई किसी से नहीं है ... (हमारी) विचारधारा, नीतियों एवं कार्यक्रमों की लड़ाई है ... लड़ाई यह नहीं होती कि आप चुनी हुई सरकार को गिरा दें। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मोदी को प्रधानमंत्री के रूप दूसरी बार जनता ने मौका दिया जो बड़ी बात है। उन्हें चाहिए कि राजस्थान में जो कुछ तमाशा हो रहा है उसे बंद करवाएं।’’ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा सरकार के खिलाफ ट्वीट किए जाने के बारे में गहलोत ने कहा कि सिंह तो अपनी झेंप मिटा रहे हैं जबकि आडियो टेप मामले में उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके नेतृत्व से नाराज होकर अलग होने वाले सचिन पायलट एवं 18 अन्य कांग्रेस विधायकों की वापसी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला पार्टी आलाकमान को करना है और अगर आलाकमान उन्हें माफ करता है तो वे भी बागियों को गले लगा लेंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान में विधायकों को तोड़ने की आशंका के बीच कांग्रेस एवं उसके समर्थक विधायकों को शुक्रवार को राजधानी जयपुर से दूर सीमावर्ती शहर जैसलमेर स्थानांतरित कर दिया गया।



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सेना से जुड़ी वेब सीरीज और फिल्म के प्रसारण से पहले लेनी पड़ेगी NOC: रक्षा मंत्रालय

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। सेना से जुड़ी हुई फिल्म को रिलीज करने से पहले फिल्म निर्माता को रक्षा मंत्रालय से एनओसी (NOC) लेनी पड़ेगी। बता दें कि रक्षा मंत्रालय को भारतीय सेना के जवानों और सैन्य वर्दी के अपमानजनक तरीके से फिल्म और वेब सीरीज में चित्रित किए जाने से जुड़ी हुई कुछ शिकायतें मिलीं हैं। इन शिकायतों के बाद रक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और सूचना और प्रसारण मंत्रालय से बातचीत की और कहा कि वह भारतीय सेना पर बनाई गई फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज के प्रसारण से पहले प्रोडक्शन हाउस से कहे कि वो रक्षा मंत्रालय से इस बाबत एनओसी प्राप्त करें। रक्षा मंत्रालय से बिना एनओसी लिए भारतीय सेना पर बनाई गई फिल्मों, डॉक्यूमेंट्रियों और वेब सीरीज का प्रसारण नहीं होगा। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय ने सीबीएफसी और सूचना और प्रसारण मंत्रालय से यह भी कहा कि यह कदम उन घटनाओं को रोकने के लिए किया जा रहा है जो सुरक्षाबलों की छवि धूमिल करते हैं। साथ ही साथ सुरक्षाकर्मियों और दिग्गजों की भावनाओं को भी आहत कर रहे हैं।रक्षा मंत्रालय ने 27 जुलाई को एक पत्र लिखा था, जिसमें इन तमाम बातों का उल्लेख था। पत्र के जरिए रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया कि भारतीय सेना से जुड़ी हुई फिल्म बनाने के लिए एनओसी लेना पड़ेगा और इसके बिना प्रसारण नहीं होगा। रक्षा मंत्रालय को मिली शिकायत में एकता कपूर निर्माता कंपनी अल्ट बालाजी की वेब सीरीज XXX अनसेंसर्ड के दूसरे सीजन में सेना को लेकर कुछ ऐसे दृश्य दिखाए गए थे जो वास्तविकता से काफी दूर हैं। यह सीरीज काफी ज्यादा विवादों में भी आई थी। जिसके बाद एकता कपूर को माफी भी मांगनी पड़ी थी।



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सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता ने PM मोदी को लिखा पत्र, कहा- उम्मीद है न्याय की जीत होगी

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

मुंबई। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शनिवार को अपने भाई के लिए न्याय की अपील की। श्वेता ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक संक्षिप्त नोट लिखकर प्रधानमंत्री से उनके भाई की मौत के मामले को देखने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। उन्होंने लिखा, “हम बेहद साधारण परिवार से हैं। मेरे भाई का कोई गॉडफादर नहीं था जब वह बॉलीवुड में था, न ही हमारा अब कोई है।” श्वेता ने कहा, ‘‘मेरा आपसे अनुरोध है कि तत्काल इस मामले को देखें और सुनिश्चित करें कि सब कुछ सही ढंग से हो और किसी साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न की जाए। उम्मीद है न्याय की जीत होगी।” सुशांत 14 जून को अपने बांद्रा स्थित आवास में मृत मिले थे। अभिनेता की असमय मौत के मामले में मुंबई पुलिस ने हाई प्रोफाइल जांच शुरू की और इस दौरान फिल्मकार संजय लीला भंसाली और आदित्य चोपड़ा जैसी बॉलीवुड की नामी हस्तियों ने अपने बयान दर्ज कराए। अभिनेता की मौत के एक महीने बाद, उनके पिता ने राजपूत की गर्लफ्रेंड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के खिलाफ मंगलवार को पटना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और उनपर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। श्वेता ने इंस्टाग्राम पर डाले अपने पोस्ट में यह भी कहा कि उन्हें न्यायिक व्यवस्था में भरोसाहै और वह “किसी भी कीमत पर न्याय” की उम्मीद करती हैं। सुशांत की पूर्व गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे ने श्वेता के पोस्ट पर टिप्पणी की ‘सत्यमेव जयते।’ शुक्रवार को अंकिता ने एक समाचार चैनल को बताया था कि वह इस कठिन परिस्थिति में सुशांत के परिवार के साथ हैं और उनकी मौत के पीछे के कारण जानना चाहती हैं।



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नीतीश सरकार ने किया साफ, सुशांत के पिता मांग करेंगे तो CBI जांच की सिफारिश संभव

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

पटना। बिहार के एक मंत्री ने शनिवार को कहा किअभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का परिवार अगर सीबीआई जांच की मांग करता है तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसपर जरूर गौर करेंगे। जल संसाधन मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वासपात्र संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार अभिनेता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में वह हर संभव कदम उठाएगी। गौरतलब है कि 14 जून को सुशांत सिंह का शव मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट से मिला था।जद(यू) के वरिष्ठ नेता ने मुंबई पुलिस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने अभिनेता की मृत्यु के मामले की उचित तरीके से जांच नहीं की और ‘‘जांच के नाम पर सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट और फोटा खिंचवाने में व्यस्त रही।’’ मंत्री ने बताया, ‘‘अगर अभिनेता के परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग की जाती है तो मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इसपर कार्रवाई करेंगे।’’ सुशांत के परिवार ने मदद के लिए झा से संपर्क किया था। मंत्री का कहना है कि लोग चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और जिन्होंने गलती की है उन्हें सजा मिले। मुंबई पुलिस के ‘असहयोग’ के लिए उनपर निशाना साधते हुए झा ने कहा कि सुशांत के पिता के.के. सिंह की लिखित शिकायत पर पटना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच शुरू हुई है।



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राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन, सिंगापुर में ली अंतिम सांस

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का निधन हो गया। उन्होंने सिंगापुर में अंतिम सांस ली। उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में शामिल अमर सिंह समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह के बेहद करीबी थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किडनी से जुड़ी समस्या के चलते छह महीनों से अमर सिंह का इलाज सिंगापुर में चल रहा था और वह आईसीयू में एडमिट थे। बता दें कि साल 2013 में अमर सिंह की किडनी खराब हो गई थी।

बता दें कि बीमार होने के बावजूद अमर सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव दिखाई देते थे। निधन से पहले उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर समस्त देशवासियों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी।साल 1996 में अमर सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के साथ हुई थी। 2010 में मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद अमर सिंह राजनीति से संन्यास लेने का भी ऐलान कर दिया था। हालांकि साल 2016 में अमर सिंह की एक बार फिर से समाजवादी पार्टी में एंट्री हुई और वह राज्यसभा में भेजे गए थे। अमर सिंह के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताते हुए ट्वीट किया कि वरिष्ठ नेता एवं सांसद अमर सिंह के निधन के समाचार से दुःख की अनुभूति हुई है। सार्वजनिक जीवन के दौरान उनकी सभी दलों में मित्रता थी। स्वभाव से विनोदी और हमेशा ऊर्जावान रहने वाले अमर सिंहजी को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएँ। वरिष्ठ नेता एवं सांसद श्री अमर सिंह के निधन के समाचार से दुःख की अनुभूति हुई है। सार्वजनिक जीवन के दौरान उनकी सभी दलों में मित्रता थी।स्वभाव से विनोदी और हमेशा ऊर्जावान रहने वाले अमर सिंहजी को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएँ।



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बीती सदियों में हमने दुनिया को एक से बढ़कर एक साइंटिस्ट, टेकनीशियन्स, तकनीकी उद्यमी दिए हैं: नरेंद्र मोदी

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए स्मार्ट इंडिया हैकाथन के ग्रैंड फिनाले को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीती सदियों में हमने दुनिया को एक से बढ़कर एक साइंटिस्ट, टेकनीशियन्स, तकनीकी उद्यमी दिए हैं। लेकिन आज तेजी से बदलती हुई दुनिया में भारत को अपनी वही प्रभावी भूमिका निभाने के लिए उतनी ही तेजी से बदलना होगा।उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ अब देश में इनोवेशन के लिए, रिसर्च के लिए, डिजाइन के लिए और विकास के लिए जरूरी इको सिस्टम तेजी से तैयार किया जा रहा है। अब क्वालिटी ऑफ इजुकेशन पर भारी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन के लिए नए संसाधनों का निर्माण हो या फिर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे ये अभियान, प्रयास यही है कि भारत की शिक्षा और आधुनिक बने, मॉडर्न बने, यहां के टैलेंट को पूरा अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली में अब व्यवस्थित सुधार हो रहा है, शिक्षा के प्रयोजन और विषय-वस्तु में सुधार का प्रयास किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आप भी अपने आसपास देखते होंगे कि आज भी अनेक बच्चों को लगता है कि उनको एक ऐसे विषय के आधार पर जज किया जाता है, जिसमें उसका इंटरेस्ट ही नहीं रहा। मां-बाप का, रिश्तेदारों का प्रेशर होता है तो वो दूसरों द्वारा चुने गए सबजेक्ट्स पढ़ने लगते हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से इसी अप्रोच को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, पहले की कमियों को दूर किया जा रहा है। भारत की शिक्षा व्यवस्था में अब एक सिस्टेमैटिक रिफॉर्म, शिक्षा का इंटेंट और कंटेंट, दोनों को ट्रांसफ्राम करने का प्रयास है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, हमारे देश के महान शिक्षाविद डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर कहते थे कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो सभी की पहुंच में हो, सभी के लिए सुलभ हो। ये शिक्षा नीति, उनके इस विचार को भी समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि ये शिक्षा नीति ‘नौकरी मांगने वाले’ के बजाए ‘नौकरी सृजन करने वाला’ बनाने पर जोर दिया गया है। यानि एक प्रकार से ये हमारे माइंडसेट में, हमारी अप्रोच में ही रिफॉर्म लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि गरीबों को बेहतर जीवन देने के लिए जीवन की सुगमता का लक्ष्य हासिल करने में युवा वर्ग की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि स्मार्ट इंडिया हैकाथन के 2017 में हुए पहले संस्करण में 42,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। यह संख्या 2018 में बढ़कर एक लाख और 2019 में बढ़कर दो लाख हो गई थी। स्मार्ट इंडिया हैकाथन 2020 के पहले दौर में साढ़े चार लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।



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बागी विधायकों को गहलोत का संदेश, आलाकमान माफ करता है तो मैं भी उन्हें गले लगा लूंगा

01 Aug 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

जैसलमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खेल खेल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजस्थान में चल रहे इस ‘तमाशे’ को बंद करवाने की अपील की। इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि अगर पार्टी आलाकमान बागियों को माफ कर देते हैं तो वे भी उन्हें गले लगा लेंगे। उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद फरोख्त के प्रयासों का जिक्र करते हुए गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुर्भाग्य से इस बार भाजपा का निर्वाचित प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त का खेल बहुत बड़ा है क्योंकि खून उनके मुंह लग चुका है। कर्नाटक और मध्य प्रदेश में ... इसलिए वो प्रयोग भाजपा वाले यहां कर रहे हैं ... पूरा गृह मंत्रालय इस काम में लग चुका है। धर्मेंद्र प्रधान की तरह कई मंत्री लगे हुए हैं, पीयूष गोयल लगे हुए हैं, कई नाम छुपे रुस्तम की तरह भी वहां पर हैं, हमें मालूम है।’’गहलोत ने कहा,‘‘... हम किसी की परवाह नहीं कर रहे हैं, हम तो लोकतंत्र की परवाह कर रहे हैं। हमारी लड़ाई किसी से नहीं है। लड़ाई होती है लोकतंत्र में विचारधारा की, नीतियों की, कार्यक्रमों की होती है। लड़ाई ये नहीं होती है कि आप चुनी हुई सरकार को बर्बाद कर दो, उसको गिरा दो, फिर लोकतंत्र कहां बचेगा?हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने के लिए है, व्यक्तिगत किसी के खिलाफ नहीं है।’’ गहलोत ने कहा,‘‘मोदी जी प्रधानमंत्री हैं, जनता ने उनको दो बार उनको मौका दिया है, उन्होंने थाली बजवाई, ताली बजवाई, मोमबत्ती जलवायी, लोगों ने उनकी बात पर विश्वास किया, ये बहुत बड़ी बात है। उन प्रधानमंत्री को चाहिए कि जो कुछ तमाशा हो रहा है राजस्थान में, वह उसको बंद करवाएं।’’ मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र की तारीख घोषित होने के बाद विधायकों के रेट बढ़ने की बात दोहराते हुए कहा,‘‘ खरीद-फरोख्त की दर बढ़ गई है, जैसे ही विधानसभा सत्र की घोषणा हुई और कीमत बढ़ा दी उन्होंने, आप बताइए क्या तमाशा हो रहा है?’’ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा सरकार के खिलाफ ट्वीट किए जाने के बारे में गहलोत ने कहा कि सिंह तो अपनी झेंप मिटा रहे हैं जबकि आडियो टेप मामले में उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके नेतृत्व से नाराज होकर अलग होने वाले सचिन पायलट एवं 18 अन्य कांग्रेस विधायकों के खेमे से कुछ लोगों की वापसी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला पार्टी आलाकमान को करना है और अगर आलाकमान उन्हें माफ करता है तो वे भी बागियों को गले लगा लेंगे। गहलोत ने कहा,‘‘ये तो आलाकमान पर निर्भर करता है। आलाकमान अगर उनको माफ करता है तो मैं गले लगाऊंगा सबको, मेरा कोई प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। मुझे पार्टी ने बहुत कुछ दिया है।’’ उल्लेखनीय है कि राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान में विधायकों को तोड़ने की आशंका के बीच कांग्रेस एवं उसके समर्थक विधायकों को शुक्रवार को राजधानी जयपुर से दूर सीमावर्ती शहर जैसलमेर स्थानांतरित कर दिया गया। गहलोत ने कहा कि वह कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को एक और पत्र लिखेंगे। गहलोत ने कहा, ‘‘ मैं एक पत्र प्रधानमंत्री को लिखूंगा कि एक आप देश के मुख्यमंत्रियों के साथ एक और वीडियो कान्फ्रेंस करें क्योंकि देश एवं राज्य में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं।’’ इसके साथ ही मुख्मयंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना प्रबंधन की शानदार व्यवस्था की है जिसकी चर्चा देश भर में है।



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कांग्रेस नेता सिब्बल ने की मांग, "सचिन पायलट जैसे बगावत करने वाले नेताओं के अगला चुनाव लड़ने पर लगे रोक"

19 Jul 2020 [ स.ऊ.संवाददाता ]

नयी दिल्ली। सचिन पायलट के बगावत करने के बाद राजस्थान में चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने रविवार को दल बदलने वाले सभी जन प्रतिनिधियों के पांच साल तक किसी सरकारी पद पर रहने और अगला चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने के लिए दल-बदल विरोधी कानून में संशोधन की मांग की। सिब्बल ने यह भी कहा कि निर्वाचित सरकारों को सत्ता से बाहर करने के लिए ‘‘भ्रष्ट तरीकों के वायरस’’ के खिलाफ ‘‘एंटीबॉडीज’’ संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के संशोधन में निहित हैं। पायलट के अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ खुले तौर पर बगावत करने के मद्देनजर उनकी यह टिप्पणी आयी है।पायलट को इस सप्ताह राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया। कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल होकर गहलोत सरकार को गिराने की कोशिशें करने का आरोप लगाया है। सिब्बल ने जाहिर तौर पर भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘टीके की जरूरत है : निर्वाचित सरकारों को गिराने के लिए ‘भ्रष्ट तरीकों’ का वायरस दिल्ली में ‘वुहान जैसे केंद्र’ के जरिए फैल गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके ‘एंटीबॉडीज’ दसवीं अनुसूची के संशोधन में निहित हैं। सभी दल-बदलुओं के पांच साल तक किसी सरकार पद पर रहने और अगला चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।’’पायलट ने भाजपा में शामिल होने के दावों का खंडन किया है। इस पर सिब्बल ने बृहस्पतिवार को पूछा कि उनकी ‘‘घर वापसी’’ का क्या हुआ और क्या राजस्थान के बागी विधायक भाजपा की ‘‘निगरानी’’ में हरियाणा में छुट्टियां मना रहे हैं। राजस्थान में 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं जिनमें से 19 असंतुष्ट विधायकों को अध्यक्ष ने अयोग्य करार देने का नोटिस जारी किया है और उन्होंने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। कांग्रेस ने दावा किया है कि गहलोत सरकार के पास बीटीपी के दो विधायकों समेत 109 विधायकों का समर्थन है।



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